देवास-चापड़ा के बीच दौड़ेगी विकास की नई रफ्तार, 42 किमी फोरलेन को मिली मंजूरी
देवास-चापड़ा के बीच दौड़ेगी विकास की नई रफ्तार, 42 किमी फोरलेन को मिली मंजूर

सिरोल्या (अमर चौधरी)। जिले के ग्रामीण अंचल की देवास शहर से कनेक्टिविटी को अब नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बहुप्रतीक्षित देवास-चापड़ा मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने की परियोजना को प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
करीब 42 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण पर लगभग 930 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। फोरलेन बनने से जहां यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय तक पहुंच आसान और तेज होगी।

वर्तमान में देवास-चापड़ा मार्ग टूलेन है और इस पर यात्री बसों, दोपहिया वाहनों के साथ बड़ी संख्या में व्यावसायिक एवं भारी वाहन गुजरते हैं। यातायात लगातार बढ़ने के कारण कई स्थानों पर सड़क पर दबाव दिखाई देता है। खासकर बरोठा और हाटपीपल्या क्षेत्र में जाम की स्थिति बनने से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में फोरलेन और बायपास की सुविधा इस मार्ग के यातायात को काफी हद तक व्यवस्थित कर सकती है।
राजोदा चौराहा से शुरू होगा 42 किमी का सफर
प्रस्तावित फोरलेन की शुरुआत भोपाल रोड बायपास स्थित राजोदा चौराहा से होगी। यहां से यह मार्ग नेवरी और हाटपीपल्या होते हुए चापड़ा तक पहुंचेगा। परियोजना के तहत मार्ग को आधुनिक और सुरक्षित स्वरूप देने की योजना है।
इस सड़क के फोरलेन में बदलने से केवल देवास और चापड़ा के बीच सफर आसान नहीं होगा, बल्कि इसके आसपास के बड़े ग्रामीण क्षेत्र को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। उदयनगर, बागली, हाटपीपल्या, नेवरी, कन्नौद और खातेगांव सहित दर्जनों गांवों के लोगों के लिए देवास जिला मुख्यालय तक पहुंचने में यह मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आबादी वाले इलाकों में कम होगा यातायात दबाव
वर्तमान मार्ग पर आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरने वाला यातायात कई बार जाम और दुर्घटना की आशंका बढ़ाता है। प्रस्तावित बायपास से ऐसे क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। खासकर भारी और व्यावसायिक वाहनों के लिए बेहतर मार्ग मिलने से स्थानीय यातायात को राहत मिल सकती है।
फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद देवास आने-जाने वाले ग्रामीणों का समय बचने के साथ परिवहन व्यवस्था भी सुगम होने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क का सीधा असर व्यापार, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी गति
देवास जिला मुख्यालय से बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों सहित विभिन्न वर्गों को मिलेगा। गांवों से कृषि उपज और अन्य सामग्री को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए देवास में उपलब्ध स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी।
बेहतर सड़क नेटवर्क से मार्ग के आसपास के बाजारों और कस्बों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की भी उम्मीद है। यही वजह है कि इस परियोजना को केवल सड़क निर्माण की योजना के बजाय ग्रामीण अंचल के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।
विधायक बोले- कोई गांव न छूटे, इसके लिए करेंगे पूरा प्रयास
हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी ने बताया कि राजोदा से चापड़ा तक 42 किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 930 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग को लेकर दो से तीन स्थानों से सर्वे किया गया है। चापड़ा और नेवरी से होकर राजोदा तक मार्ग निकलना संभावित है।
विधायक चौधरी ने कहा कि हाटपीपल्या विधानसभा क्षेत्र का कोई भी गांव इस महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी से वंचित न रहे, इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। आगामी दिनों में अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें परियोजना की आगे की रूपरेखा पर चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि एमपीआरडीसी द्वारा डीपीआर तैयार की जाएगी। परियोजना की योजना तैयार करते समय आम जनता की भावनाओं और आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। जो भी जरूरी होगा, उस संबंध में उच्च स्तर पर बात रखी जाएगी।
विधायक ने कहा कि फोरलेन से गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यह सभी वर्गों के लिए उपयोगी साबित होगा। इससे क्षेत्र में विकास और व्यापार को गति मिलने के साथ लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा भी मिलेगी।
डीपीआर और सर्वे के बाद तस्वीर होगी और साफ
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना की अगली प्रक्रिया डीपीआर और सर्वे से जुड़ी होगी। मार्ग की अंतिम स्थिति, बायपास के स्थान और किन-किन आबादी वाले क्षेत्रों को किस तरह जोड़ा जाएगा, इसकी तस्वीर आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगी। यदि प्रस्तावित योजना के अनुसार काम आगे बढ़ता है तो देवास-चापड़ा मार्ग आने वाले समय में जिले के सबसे महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों में शामिल हो सकता है।




