देवासराजनीति

नाम था पहाड़सिंह, काम भी पहाड़ जैसा विशाल… धाराजी से लेकर जंगल की सड़क तक छोड़ गए विकास की अमिट छाप

धारा-144 हटवाकर धाराजी घाट का निर्माण कराया, सड़क, मंदिर और पर्यटन विकास के जरिए बने 'नर्मदा नायक'

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उदयनगर (बाबू हनवाल)। कुछ लोग केवल राजनीति करते हैं, जबकि कुछ लोग राजनीति के माध्यम से समाज में ऐसी पहचान छोड़ जाते हैं, जिसे वर्षों तक याद किया जाता है।

भाजपा के पूर्व विधायक पहाड़सिंह कन्नौजे ऐसे ही जनप्रतिनिधि थे। उनका नाम जितना मजबूत था, व्यक्तित्व उससे भी अधिक प्रभावशाली था। बाहर से नारियल की तरह सख्त दिखाई देने वाले पहाड़सिंह भीतर से बेहद सरल, संवेदनशील और मिलनसार थे। विरोधियों के प्रति भी मन में कभी कटुता नहीं रखते थे और हर किसी को साथ लेकर चलने में विश्वास करते थे।

पार्टी के प्रति उनका समर्पण अंतिम समय तक बना रहा। निधन से महज तीन दिन पहले वे भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल हुए थे। धाराजी में जब धारा 144 थी, तब उन्होंने कहा था, “जब कश्मीर से धारा-370 हट सकती है तो धाराजी से धारा-144 क्यों नहीं हट सकती?” यह केवल सवाल नहीं था, बल्कि उनके संघर्ष का संकल्प था। उन्होंने लगातार प्रयास किए और आखिरकार धाराजी घाट से धारा-144 हटने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद घाट का निर्माण हुआ और श्रद्धालुओं के लिए वर्षों से बंद रास्ते खुल गए। इसी ऐतिहासिक कार्य ने उन्हें ‘नर्मदा नायक’ की पहचान दिलाई।

विकास को बनाया राजनीति का आधार-
पहाड़सिंह कन्नौजे ने केवल धाराजी तक ही अपने कार्य सीमित नहीं रखे। उन्होंने क्षेत्र के प्राचीन सीता माता मंदिर के भव्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उदयनगर से पटाड़ीपाल तक सड़क निर्माण कराकर ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या दूर की। पहले जहां आवागमन कठिन था, वहीं सड़क बनने के बाद गांवों का संपर्क सुगम हो गया और क्षेत्र के विकास को नई गति मिली।

उन्होंने जंगल के रास्ते को भी मंजूरी दिलाई, जिससे पटाड़ीपाल क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से पहचान बनाने लगा। चारों ओर हरियाली, प्राकृतिक सौंदर्य और सालभर बहने वाली नदी ने इस क्षेत्र को आकर्षण का केंद्र बना दिया। स्थानीय लोग मानते हैं कि यदि उस समय पहाड़सिंह कन्नौजे पहल नहीं करते तो यह विकास संभव नहीं हो पाता।

धाराजी घाट पर प्रतिमा लगाने की उठी मांग-
पूर्व विधायक के निधन के बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके कार्यों को याद करते हुए भाजपा के तीनों विधायकों ने जिला अध्यक्ष के समक्ष धाराजी घाट पर पहाड़सिंह कन्नौजे की प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

भाजपा जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव जब पटाड़ीपाल पहुंचे तो उन्होंने पहाड़सिंह कन्नौजे के पार्थिव शरीर पर भाजपा का ध्वज ओढ़ाते हुए भावुक शब्दों में कहा, “यह किसी सामान्य व्यक्ति की विदाई नहीं, बल्कि जनता के सच्चे आदमी को अंतिम प्रणाम है।”

श्रद्धांजलि सभा में बागली विधायक मुरली भंवरा, कन्नौद-खातेगांव विधायक आशीष शर्मा, हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी, अधिवक्ता प्रवीण चौधरी, लाला शर्मा, नाहरसिंह मुजालदे, थाना प्रभारी भगवानसिंह बीरा, रघुवीर मीणा, राकेश कन्नौजे, भरत राठौर, जुगल महेश्वरी, सरपंच सुनील मालवीय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

एक नजर में पहाड़सिंह कन्नौजे के प्रमुख कार्य:

▪️ धाराजी घाट से धारा-144 हटवाने के प्रयास और घाट निर्माण।
▪️’नर्मदा नायक’ के रूप में क्षेत्र में विशेष पहचान।
▪️प्राचीन सीता माता मंदिर के भव्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान।
▪️उदयनगर से पटाड़ीपाल तक सड़क निर्माण।
▪️जंगल मार्ग की मंजूरी दिलाकर पटाड़ीपाल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल।
▪️अंतिम समय तक भाजपा संगठन और क्षेत्र के विकास के लिए सक्रिय रहे।

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