शिकायत का इंतजार क्यों, नमकीन से लेकर दूध-पनीर तक हो नियमित जांच
नागरिकों की सेहत से समझौता न हो, नगर जनहित सुरक्षा समिति ने की खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की मांग

देवास। रोस्टेड काजू खाने के बाद ग्राहक की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आने के बाद नगर जनहित सुरक्षा समिति ने औषधि एवं खाद्य सुरक्षा विभाग से शहर में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने की मांग की है। समिति ने कहा कि शहर में नागरिकों की सेहत से समझौता न हो।
समिति के अनिल सिंह बैस ने बताया कि हाल ही में एक ग्राहक की नमकीन काजू खाने के बाद तबीयत बिगड़ने व शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संबंधित प्रतिष्ठान पहुंचकर काजू के सैंपल लिए। विभाग अक्सर शिकायत मिलने के बाद ही जांच के लिए पहुंचता है। सवाल यह है कि खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच क्यों नहीं होती? शहर में बड़ी संख्या में मिठाई, नमकीन और दूध से जुड़े प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। ऐसे में विभाग को नियमित रूप से इनकी जांच करनी चाहिए।
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नमकीन, मिठाई से लेकर दूध-पनीर की हो जांच
समिति के अनिलसिंह बैस एवं विनोद सिंह गौड़ ने कहा, कि विभाग को शहर में अभियान चलाकर नमकीन, मिठाई, क्रीम, मक्खन, पनीर, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने चाहिए। दुकानों में खाद्य पदार्थ किस तरह रखे जा रहे हैं, उनकी स्वच्छता कैसी है और सामग्री गुणवत्ता के मानकों पर खरी उतर रही है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
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पूरा पैसा दे रहा ग्राहक, गुणवत्ता भी मिले
समिति सदस्यों ने कहा कि ग्राहक किसी भी खाद्य सामग्री के लिए पूरा पैसा देता है। ऐसे में उसे अच्छी और सुरक्षित गुणवत्ता की सामग्री मिलना जरूरी है। यदि खराब या मानक के विपरीत खाद्य सामग्री के कारण किसी की तबीयत खराब होती है, तो यह गंभीर मामला है।
समिति के विजय सिंह तंवर, सुभाष वर्मा, सुनिलसिंह ठाकुर, सुरेश रैकवार, उमेश राय, अनूप दुबे, राजेंद्रसिंह गौड़, अकबरभाई ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि केवल शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई करने के बजाय शहर में नियमित और औचक जांच की जाए।




