विजयदशमी उत्सव पर निकला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन

भौंरासा (विजेंद्र सिंह ठाकुर)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विजयदशमी उत्सव के अवसर पर भौंरासा नगर में पथ संचलन निकाला गया। संचलन से पूर्व सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भारत माता का पूजन एवं शस्त्र पूजन किया गया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने अनुशासित पंक्तियों में पथ संचलन प्रारंभ किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विभाग सह प्रचार प्रमुख प्रकाश नारायण व्यास उपस्थित रहे। उनके साथ नगर कार्यवाह हेमंत बंड मंचासीन रहे। प्रारंभिक कार्यक्रम में भारत माता के चित्र पर पूजन एवं शस्त्र पूजन के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, शक्ति, साहस और कर्तव्यबोध के भाव को अभिव्यक्त किया गया।
नगर के प्रमुख मार्गों से निकला पथ संचलन-
पथ संचलन सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ होकर बजाज साहब की गली, आजाद चौक, बड़ा हनुमान चौक, महात्मा गांधी मार्ग एवं बस स्टैंड से होते हुए नीलकंठ मार्ग पहुंचा। यहां से संचलन हनुमान मार्ग, गोपेश्वर चौक एवं गोपेश्वर मार्ग से आगे बढ़ा। इसके पश्चात स्वयंसेवक गणेश मार्ग, रामदेव गली, सरदार पटेल मार्ग, छिपापुरा एवं गंज बाड़ा से होकर लक्ष्मीबाई मार्ग पहुंचे।

आगे संचलन गोया, महात्मा गांधी मार्ग एवं सुहागी मार्ग से होते हुए कुंज गली और संत तुलसी मार्ग पहुंचा। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरने के पश्चात पथ संचलन पुनः सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति का संदेश-
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयदशमी उत्सव संगठन, अनुशासन, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवक समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हैं।
मुख्यवक्ता प्रकाश नारायण व्यास ने कहा कि विजयदशमी का पर्व हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, सद्गुणों को अपनाने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। संघ की शाखाओं के माध्यम से व्यक्ति निर्माण और समाज संगठन का कार्य किया जाता है।




