देवास में 5 करोड़ के नोटों और आभूषणों से सजेगा श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर
पिछले साल भक्तों ने दिए थे 1.35 करोड़ रुपए, इस बार धनतेरस से भाईदूज तक पांच दिवसीय आयोजन

रतलाम की तर्ज पर जन सहयोग से राशि हो रही एकत्रित, पांच दिवसीय समारोह होगा
देवास। प्रतिवर्ष रतलाम शहर में स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में भक्तों के सहयोग से मंदिर को दीपावली के अवसर पर करोड़ों रुपए के नोट से सजाया जाता है।
इसी तर्ज पर गत वर्ष से देवास के मोती बंगला शिवाजी नगर में स्थित श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय आयोजन की शुरुआत की गई थी। गत वर्ष इस आयोजन में 51 लाख रुपए का लक्ष्य रखा गया था, किंतु भक्तों ने मां योगमाया के प्रति अपनी प्रगाढ़ आस्था को प्रदर्शित करते हुए करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपए के नोट आयोजन समिति तक पहुंचाए थे।
श्री योगमाया महालक्ष्मी पारमार्थित न्यास के अध्यक्ष विमल शर्मा ने बताया कि मोती बंगला शिवाजी नगर में स्थित श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर में दीपावली के अवसर पर विभिन्न प्रकार के आयोजन होते हैं। गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी भक्तों के सहयोग से मंदिर को नोटों से सजाया जाएगा। उज्जैन और रतलाम के कलाकार देवास आकर मंदिर सजावट की बागडोर संभालेंगे। शर्मा ने बताया कि इस बार भक्तों की आस्था को देखते हुए करीब 5 करोड़ रुपए के नोट व आभूषणों का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए शहर के भक्तों के सहयोग से प्राप्त होना प्रारंभ हो गया है।
अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि मंदिर में धनतेरस से भाईदूज तक सजावट रहेगी। यह आयोजन अपने आप में एक अनूठा आयोजन होगा। राशि एकत्रीकरण के संबंध में अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि इस दिव्य अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए जो कोई भी भक्त इच्छुक है, वह अध्यक्ष या मंदिर समिति के सदस्यों से संपर्क कर सकता है। भक्त द्वारा दी गई राशि अनुष्ठान पूर्ण होने पर भाई दूज के दिन कुबेर पोटली के साथ पुनः लौटाई जाएगी। सहयोग राशि देने वाले भक्त को रसीद दी जाएगी, जिसके आधार पर ही पुनः राशि लौटाई जाएगी। श्री योगमाया महालक्ष्मी पारमार्थिक न्यास ने शहर के भक्तों से आयोजन में सम्मिलित होने की अपील की है।
गत वर्ष दूर-दूर से भक्त पहुंचे थे मंदिर-
गत वर्ष दीपावली पर्व के दौरान श्री योगमाया मंदिर में हुए इस अनूठे आयोजन को देखने के लिए देवास शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे थे और आयोजन की सराहना की थी। साथ ही भक्तों ने इस आयोजन में हिस्सेदारी की मंशा भी व्यक्त की थी। इसी को देखते हुए इस वर्ष मंदिर समिति ने 5 करोड़ का लक्ष्य तय किया गया है।
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