देवास की 239 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त, 13 को गोल्ड और 40 को सिल्वर सम्मान
टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत ‘जोश’ टीम का शुभारंभ

देवास। टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जोश (ज्वाइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) टीबी मुक्त भारत टीम के शुभारंभ एवं टीबी मुक्त पंचायतों के सम्मान के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को जीएनएमटीसी जिला चिकित्सालय देवास परिसर में किया गया।
कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा नई दिल्ली से राष्ट्रव्यापी स्तर पर जोश टीम का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ऑनलाइन देखा गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सैंधव, नगर निगम सभापति रवि जैन, महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, देवास विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष राजेश यादव, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी सहित अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में श्री सैंधव ने कहा कि भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रहे, यही हमारी भावना है। शासन द्वारा बीमारी की स्थिति में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। देवास जिले की 239 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतें प्रेरणा लेने योग्य हैं। उन्होंने कहा कि सभी की सहभागिता से देवास को 100 प्रतिशत टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लेकर कार्य करना है।
पूर्व देवास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन नियमित उपचार एवं पौष्टिक आहार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। देश की युवा शक्ति को जोश टीम के माध्यम से समाज एवं देशहित में कार्य करने के लिए जोड़ा जा रहा है। युवाओं की ऊर्जा का उपयोग टीबी उन्मूलन के लिए किया जाना महत्वपूर्ण पहल है। रोगी कल्याण समिति के सदस्य श्री जुगनू गोस्वामी ने कहा कि पूर्व में टीबी मरीजों को सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज टीबी असाध्य बीमारी नहीं है। स्वास्थ्य केन्द्रों पर शासन द्वारा निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं एनसीसी वॉलेंटियर्स सहित सभी से जोश टीम के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

239 टीबी मुक्त पंचायतों का सम्मान-
शासन द्वारा देवास जिले की 239 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। कार्यक्रम में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सीएचओ को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 में 13 ग्राम पंचायतों ने टीबी मुक्त रहकर गोल्ड श्रेणी हासिल की। इनमें विकासखंड टोंकखुर्द की किंडूरिया, रतनखेड़ी, नागदा, राबड़िया, फतेहपुरखेड़ा एवं गुदासा; विकासखंड बरोठा की अचलूखेड़ी; विकासखंड कन्नौद की बोरानी एवं बधावा; विकासखंड खातेगांव की ओंकारा एवं पलासी तथा विकासखंड सोनकच्छ की टुगनी एवं प्रजापुर ग्राम पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में 40 ग्राम पंचायतों ने सिल्वर श्रेणी हासिल की। इनमें विकासखंड टोंकखुर्द की बिंगरोदा, दोंताजागीर, बरखेड़ा, आगरोद, लसूड़िया कुल्मी, सेडू, नागपचलाना, भूतिया बुजुर्ग एवं विजयगढ़ मुर्मिया; विकासखंड बागली की खजूरिया वीना, वावलिया, अरलावदा एवं झींकड़ाखेड़ा; विकासखंड बरोठा की गुराड़िया भील, नारियाखेड़ा, खतेड़िया, दखनोखेड़ी एवं साबूखेड़ी; विकासखंड कन्नौद की सलामतपुरा, बागनखेड़ा, बहिरावत, लेहकी एवं कोथमिर; विकासखंड खातेगांव की सिंदरानी, धायली, विक्रमपुर, दनोरा, गुजरगांव, पुरोनी, सागोनिया, दुधियाखेड़ी, कानाबुजुर्ग, पटरानी, मिर्जापुर, लवरा, लकड़ानी एवं चंदवाना तथा विकासखंड सोनकच्छ की पटाड़िया ताज, भागसरा एवं चांदाखेड़ी ग्राम पंचायत शामिल हैं। इन्हें भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिले की 186 ग्राम पंचायतों को ब्रॉन्ज श्रेणी में नामित किया गया है।




