धर्म-अध्यात्म

रामद्वारा में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा से मनाया, महंत स्वामी रामनारायण जी बोले- गुरु के बिना मानव जीवन शून्य

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देवास। श्री रामद्वारा में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया।

इस अवसर पर महंत स्वामी रामनारायण जी ने कहा कि गुरु के बिना मानव जीवन शून्य है। जीवन का वास्तविक आनंद गुरु की कृपा से ही प्राप्त होता है। गुरु के बिना मनुष्य की स्थिति उसी प्रकार होती है, जैसे नदी में बिना नाविक के नाव की होती है।

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उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नींद खुलने पर बुरा स्वप्न समाप्त हो जाता है, उसी प्रकार गुरु की कृपा से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से ईश्वर की सच्चे मन से आराधना करने, ईर्ष्या और क्रोध का त्याग करने तथा गुरु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

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राम नाम मंत्र की दीक्षा और तुलसी की माला प्रदान की
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल अंतरराष्ट्रीय राम स्नेही संप्रदाय के प्रवर्तक स्वामी रामचरण जी महाराज की वाणी के पाठ से हुई। संत राम सुमिरन जी एवं बाल संत पुनीत राम जी ने वाणी का वाचन किया।

देवास के रामद्वारा में भजनों की प्रस्तुति देते हुए महिलाएं।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को राम नाम मंत्र की दीक्षा दी गई तथा तुलसी की माला भेंट की गई। साथ ही सभी भक्तों को राम नाम मंत्र लेखन के लिए विशेष पुस्तिका भी प्रदान की गई।

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चातुर्मास सत्संग का हुआ शुभारंभ
महंत स्वामी रामनारायण जी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा से रामद्वारा में चातुर्मास सत्संग का शुभारंभ हो गया है, जो दशहरा पर्व तक नियमित रूप से आयोजित होगा। इस दौरान राम स्नेही सत्संग मंडल द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। दोपहर 12 बजे स्वामी रामचरण जी महाराज की महाआरती संपन्न हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

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