धर्म-अध्यात्म

श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति, हवन-यज्ञ के साथ हुआ भंडारा

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कथा श्रवण करने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

देवास। औदुंबर ब्राह्मण वरिष्ठ नागरिक मंच के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ रविवार को संपन्न हुई।

वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कथा के समापन पर वैदिक आचार्य पं मनीष पाठक ने विप्रजन सहित प्रातः वैदिक पूजन अभिषेक हवन आदि को संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने पहले हवन में आहुतियां दी फिर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मुख्य यजमान के रूप में सीमा महेंद्र दुबे सहित श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां डाली।

कथा व्यास आचार्य पं डॉ दीपेश पाठक ने कहा कि हवन से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप-पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। आचार्य ने भंडारे के प्रसाद का भी वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि प्रसाद तीन अक्षर से मिलकर बना है। पहला प्र का अर्थ प्रभु, दूसरा सा का अर्थ साक्षात व तीसरा द का अर्थ होता है दर्शन। जिसे हम सब प्रसाद कहते हैं। हर कथा या अनुष्ठान का तत्वसार होता है जो मन बुद्धि व चित को निर्मल कर देता है। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। जीवन में प्रसाद का अपमान करने से भगवान का ही अपमान होता है। भगवान के लगाए गए भोग का बचा हुआ शेष भाग मनुष्यों के लिए प्रसाद बन जाता है। व्यासपीठ से भागवताचार्य श्री पाठक जी ने आज सुदामा श्री कृष्ण की मित्रता का सुंदर वर्णन किया।

भागवत कथा में श्रीरामशरणम आश्रम के प्रवचनकार इंदरसिंह नागर ने व्यासपीठ की पूजा कर आशीर्वाद लिया, कथा समापन अवसर पर आयोजक श्री औदुम्बर वरिष्ठ नागरिक मंच के सभी पदाधिकारियों द्वारा व्यासपीठ पर विराजित भागवताचार्य डॉ. दीपेश पाठक का और वैदिक आचार्य पंडित मनीष पाठक का अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया। श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम में अवसर पर सामाजिक बंधुओं, जनसमूह सहित मातृ शक्ति उपस्थित रही शहर के अनेक लोगों ने आरती कर व्यासपीठ का पूजन किया और भंडारे में प्रसादी ग्रहण की।

कार्यक्रम का संचालन औदुंबर ब्राह्मण वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष कुशल मंच संचालक महेंद्र उपाध्याय के द्वारा किया। आभार जयंत शर्मा ने व्यक्त किया।

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निकाली गई शोभायात्रा-
सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत महापुराण के विराम पश्चात शोभायात्रा मुख्य यजमान महेंद्र दुबे द्वारा भागवत महापुराण को अपने सिर पर रखकर कथा व्यास पं डॉ दीपेश पाठक एवं वैदिक आचार्य पं मनीष पाठक को खुली जीप में बैठाकर महाराष्ट्र समाज परिसर मुक्ति मार्ग से निकली गई। जिसे पुनः प्राचीन शनि मंदिर ले जाई गई। मार्ग में वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय ने परिवार सहित कथा व्यास, वैदिक आचार्य का सम्मान कर सभी अतिथियों का स्वागत किया गया एवं श्रीमद् भागवत महापुराण की पूजा की गई। 

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