माइग्रेन: आधा सिर दर्द जो तेज रफ्तार जिंदगी को रोक देता है

जड़ कारणों पर उपचार से मिल सकती है स्थायी राहत- डॉ. योगेन्द्र सिंह भदौरिया
कारण, लक्षण और होम्योपैथिक उपचार पर विशेषज्ञ सलाह
देवास। भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच माइग्रेन (आधा सिर दर्द) तेजी से लोगों को प्रभावित कर रहा है। यह सामान्य सिरदर्द नहीं बल्कि एक जटिल न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें बार-बार तेज दर्द के दौरे पड़ते हैं और व्यक्ति की दैनिक कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है।
यह जानकारी डॉ. योगेन्द्र सिंह भदौरिया (एमडी), प्राचार्य, अमलतास इंस्टिट्यूट ऑफ होम्योपैथी, देवास ने चिकित्सकीय चर्चा के दौरान दी।
डॉ. भदौरिया ने बताया, कि माइग्रेन एक विशेष प्रकार का सिरदर्द है, जिसमें सिर के आधे हिस्से में धड़कन जैसा तीव्र दर्द होता है। यह दर्द कुछ घंटों से लेकर 2-3 दिन तक बना रह सकता है। कई मामलों में यह समस्या बार-बार लौटती है।
प्रमुख लक्षण-
उन्होंने बताया सिर के एक तरफ तेज, धड़कन जैसा दर्द, रोशनी और तेज आवाज से परेशानी, मतली या उल्टी, आंखों के सामने चमक या धुंधलापन, चिड़चिड़ापन, थकान, दर्द से पहले बेचैनी या मूड में बदलाव इसके लक्षण है।
माइग्रेन के कारण-
डॉ. भदौरिया के अनुसार माइग्रेन के पीछे कई कारण हो सकते हैं मानसिक तनाव और चिंता, नींद की कमी, अधिक मोबाइल या स्क्रीन का उपयोग, अनियमित भोजन, हार्मोनल परिवर्तन, तेज धूप या तीव्र गंध, अत्यधिक चाय-कॉफी का सेवन करना।
महिलाओं में अधिक-
डॉ. भदौरिया ने बताया माइग्रेन महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषकर हार्मोनल असंतुलन, पीसीओडी या मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं के दौरान इसका खतरा बढ़ जाता है।
बचाव के उपाय-
प्रतिदिन 7-8 घंटे की नियमित नींद, समय पर संतुलित भोजन, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन, योग, प्राणायाम और ध्यान, स्क्रीन टाइम कम करना, तनाव प्रबंधन आदि से राहत मिल सकती है।
होम्योपैथिक उपचार की भूमिका-
डॉ. भदौरिया ने बताया कि होम्योपैथी में माइग्रेन का उपचार केवल दर्द को दबाने के लिए नहीं, बल्कि उसके मूल कारणों को ध्यान में रखकर किया जाता है। रोगी की मानसिक, शारीरिक एवं जीवनशैली संबंधी पूरी जानकारी लेकर औषधि का चयन किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना चिकित्सकीय सलाह के स्वयं दवा लेना उचित नहीं है।

चिकित्सकीय सलाह-
बार-बार उल्टी हो, दृष्टि धुंधली हो जाए, दर्द असहनीय हो, जीवन में पहली बार अत्यधिक तेज सिरदर्द हो तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें। डॉ. भदौरिया ने कहा कि सही दिनचर्या, तनाव नियंत्रण और उचित होम्योपैथिक उपचार से माइग्रेन को लंबे समय तक नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे रोगी सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकता है।


