गायत्री शक्तिपीठ एवं प्रज्ञापीठ पर श्रावणी उपाकर्म

गायत्री साधकों ने हेमाद्रि संकल्प कर दसविधि स्नान किया
देवास। गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर रक्षाबंधन के पावन पर्व पर श्रावणी उपाकर्म का कार्यक्रम हुआ। इसमें मातृ जन्म शताब्दी वर्ष 2026 को लेकर भी चिंतन मंथन हुआ।
गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया, कि श्रावणी पर्व (पूर्णिमा) पर गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर हेमाद्रि संकल्प कर दस विधि स्नान किया। ऋषि तर्पण के साथ अपने गुरु, पूर्वजों और परिवारजनों की आत्म शान्ति हेतु तर्पण का कर्मकांड सम्पन्न हुआ। साथ ही नवीन यज्ञोपवित धारण की गई। श्रावणी उपाकर्म का संचालन करते हुए गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक रामनिवास कुशवाह ने कहा, कि शरीर का निर्माण तो हो गया, शरीर तो छूट जाएगा लेकिन शरीर के बाद भी आपकी आत्मा की दुर्गति न हो, आत्म निर्माण हो इसलिए तर्पण किया जाता है। इस दिन भाई-बहन और मित्र परस्पर एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर शुभ संकल्प लेते हैं। रक्षाबंधन बहन की, संस्कृति की, राष्ट्र की रक्षा हेतु बंधन से जोड़ने का प्रतीक त्यौहार है।
श्रावणी पर्व पर गायत्री शक्तिपीठ युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक प्रमोद निहाले ने जिले के सभी प्रज्ञा संस्थानों के प्रभारियों, अभियान प्रभारियों, प्रज्ञा मण्डल, महिला मण्डल, तहसील समन्वयकों से अपील की है कि गुरुमाता माताजी की जन्म शताब्दी समारोह का स्वरूप और उसमें हमारी भागीदारी को लेकर गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर पर जिला स्तरीय संगोष्ठी आयोजित की गई है। इस संगोष्ठी में जिले के प्रत्येक कार्यकर्ता की भागीदारी अनिवार्य होगी। सभी परिजन अपने साथ सहयोगी परिजनों को भी साथ लाएं, ताकि युग निर्माण योजना में उनका सहयोग भी मिल सके। वर्ष 2026 वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी वर्ष तक हर कार्यकर्ताओं को कमर कसनी होगी युग निर्माण योजना में, तब जाकर कुछ अच्छे परिणाम पा सकेंगे।

इसके पूर्व श्रीवेदमाता गायत्री, गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी, माता भगवतीदेवी शर्मा व ऋषियों का पूजन एवं देवआव्हान कर पंचकुण्डीय गायत्री महायज्ञ प्रारंभ कर पूर्णाहुति की गई, जिसमें विश्व शांति, विश्व कल्याण एवं इस वर्ष अच्छी वर्षा हो इसके लिए विशेष मंत्रों द्वारा यज्ञ में विशेष आहुतियां दी गई। इसी प्रकार गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर भी गायत्री प्रज्ञापीठ की संरक्षिका दुर्गा दीदी के सानिध्य में श्रावणी उपाकर्म सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में महेश पण्डया, कन्हैयालाल मोहरी, राजेन्द्र पोरवाल, देवीशंकर तिवारी, विक्रमसिंह राजपूत, सुरेश चौहान, चंद्रिका शर्मा, जगदीश चौहान, सोमेश्वर सोलंकी, शेषनारायण परमार, दीपक इंदानिया, प्रहलादसिंह सोलंकी, विजेंद्रसिंह बेस, प्रेमनारायण जाधव, सुभाष धोते, सालगराम सकलेचा, प्रदीप दुबे, कांतिलाल पटेल, विष्णु प्रसाद बागवान, ज्ञानदेव बोड़खे, डॉ. दिलीपसिंह पंवार, संतोष शर्मा, रमेशचंद्र पालीवाल, मोहन परिहार, अरूणेंद्र सोनी, शीला श्रीवास्तव, प्रहलाद श्रोतीय, श्रीमती चौहान, महेश बेटोड़िया, सुरेश चंद्रवंशी, मनोहर दुबे, दिलीप सोनी सहित अनेक परिजन उपस्थित थे। शक्तिपीठ पर श्रावणी उपाकर्म का संचालन परिव्राजक रामनिवास कुशवाह ने किया एवं प्रज्ञापीठ पर महेश आचार्य ने किया।




