ग्राम दुदलाई में विवाद पर प्रशासन की पहल, आपसी सहमति से सुलझा मामला

देवास। ग्राम दुदलाई में बारात के जुलूस के दौरान उपजा विवाद प्रशासन की सूझबूझ और सक्रियता से शांतिपूर्ण समाधान की मिसाल बन गया।
तनावपूर्ण स्थिति को प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश और संवाद से इस तरह सुलझाया कि ग्रामवासियों के बीच भाईचारे की भावना और मजबूत हो गई।
उल्लेखनीय है, कि 2 मई को थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुदलाई में बारात के जुलूस के दौरान ग्राम सरपंच व कुछ ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। तत्काल पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को मौके पर सुनते हुए आवश्यक शांति व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। दोनों पक्षों के विरुद्ध विधिसंगत प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना के पश्चात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गांव का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा था।
इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए 7 मई को एसडीएम प्रियंका मिमरोट, तहसीलदार संजय गर्ग, एसडीओपी (पुलिस) सोनकच्छ दीपा मांडवे तथा थाना प्रभारी सोनकच्छ दीपकसिंह यादव ने ग्राम दुदलाई का भ्रमण कर दोनों पक्षों व ग्रामीणों से संवाद किया। सभी को समझाइश देकर आपसी सहमति बनाई गई।
बैठक में तय किया गया, कि ग्राम स्थित मंदिर में पूर्व की भांति किसी भी व्यक्ति का प्रवेश निषेध नहीं है तथा किसी की बारात अथवा धार्मिक कार्यक्रमों में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। मंदिर में प्रवेश केवल मर्यादानुसार बिना नशा, बिना जूते-चप्पल के किया जाएगा।
ग्राम सरपंच सालगराम मालवीय एवं पूर्व सरपंच गब्बर नागर ने भी स्पष्ट किया, कि गांव में सदैव भाईचारा रहा है और रहेगा। मामूली विवाद को आपसी सहमति व प्रशासन की मध्यस्थता से सुलझा लिया गया है।
सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वालों के बारे में ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे लोग अपने निजी स्वार्थ हेतु माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिनकी बातों में कोई विश्वास न किया जाए।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से गांव की शांति भंग करने का प्रयास करता है या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




