धर्म-अध्यात्म

मनुष्य सांसारिक मोह-माया में उलझा है, राम नाम ही असली धन है- पं. अजय शास्त्री

Share

 

देवास। जिसका मन परमात्मा की भक्ति में लग गया, उसका इस भवसागर से सहज ही बेड़ा पार हो जाता है।

यह विचार व्यासपीठ से कथावाचक पं. अजय शास्त्री सिया वाले ने बड़ा बाजार स्थित रामी गुजराती माली समाज रामकृष्ण मंदिर में श्रीमद् भागवत सत्संग ज्ञान यज्ञ के दौरान दूसरे दिन व्यक्त किए। पं. शास्त्री ने आगे कहा कि भागवत कथा मोक्ष प्रदान करती है। साधुओं का धन सत्संग है, राम नाम रूपी धन है। सांसारियों का धन माया है। हम कहते जरूर है राम नाम सत्य है, लेकिन उसे आचरण में नहीं उतारते। हम इस सांसारिक माया-मोह में उलझे हुए हैं, जबकि राम नाम सबसे बड़ा धन है। अंत समय में वही धन साथ जाएगा। यदि तुम्हारे मुख से राम नाम आ जाए तो उद्धार हो जाता है।

आगे कहा, कि भागवत कथा जीवन में आने वाली समस्त बाधाओं को दूर कर देती है। माता देवकी ने कितने कष्ट उठाए। पड़ी रही जेल में की मेरे घर भगवान आए हैं, लेकिन आजकल की माता बहने यह दुख सहन नहीं कर पाती है। भगवान को पाने के लिए कष्ट उठाने पड़ते हैं। इस दौरान पं. शास्त्री ने पायोजी मैंने राम रतन धन पायो… जैसे एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की संगीतमय में प्रस्तुति दी तो श्रद्धालु झूम उठे। रामी गुजराती माली समाज आयोजन समिति द्वारा व्यास पीठ की पूजा-अर्चना कर महाआरती की गई। सैकड़ो धर्म प्रेमियों ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ लिया।

 

Back to top button