नवपुण्य वासुपूज्य स्वामीजी की प्रथम प्रतिष्ठा वर्षगांठ मनाई

– त्रिदिवसीय जिनेंद्र भक्ति महोत्सव के अंतर्गत हुए अनेक धार्मिक अनुष्ठान
देवास। पंचशील नगर स्थित श्री नवपुण्य वासुपूज्य स्वामीजी चंपापुरी धाम प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ अनेक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ धूमधाम से मनाई गई।

इस अवसर पर त्रिदिवसीय जिनेंद्र भक्ति महोत्सव का आयोजन हुआ। पूज्य मुनिराज श्री कीर्तिन्द्र विजयजी, साध्वी अमिपूर्णा श्रीजी, अमिदर्शा श्रीजी, शुचिप्रज्ञा श्रीजी, सम्यकदर्शना श्रीजी आदि के सानिध्य में महोत्सव संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी, भाजपा जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कैलाश चंद्रावत, सभापति रवि जैन, भाजपा जिला महामंत्री राजेश यादव, विजयसिंह पंवार, भाजपा जिला उपाध्यक्ष गौतमसिंह राजपूत, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अनिलराज सिंह सिकरवार, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
महोत्सव के अंतर्गत प्रथम दिवस शांति धारा महाअभिषेक किया गया, जिसमें विभिन्न दुर्लभ औषधियों द्वारा प्रभु का अभिषेक हुआ। द्वितीय दिवस प्रभु का संपूर्ण दरबार सुंदर सुगंधित पुष्पों से सजाया गया। आकर्षक फूल बंगला का निर्माण किया गया। प्रभु श्री वासुपूज्य स्वामीजी को हीरे की अंग रचना से सुशोभित किया गया। मंदिर परिसर को 1008 दीपक की सजावट से आलौकित किया गया।

इस दिव्य छटा ने उपस्थित सैकड़ों भक्तों का मन मोह लिया। भक्ति भावना के संगीतमय आयोजन में चिराग जैन इंदौर ने प्रभु भक्ति गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। प्रभु की महाआरती की गई। तृतीय दिवस समापन समारोह में कई विशिष्ट आयोजन हुए। सुबह श्री संघ की नवकारशी के बाद धर्म सभा का आयोजन हुआ। श्रीफल एवं कमल के फूलों को समर्पित कर सर्व सिद्धि दायक एवं सर्व विघ्न विनाशक सिद्धि अनुष्ठान हुआ।
पूज्यश्री ने प्रवचन में कहा कि जिनेश्वर परमात्मा की समर्पित भाव से की हुई भक्ति ही हमें सर्व सिद्धि प्रदान कर सकती है। निस्वार्थ भाव से की गई प्रभु एवं मानव सेवा हमारे सभी विघ्नों का नाश करके हमें परम पद तक पहुंचाने में समर्थ बन सकती है। इस दौरान प्रभु श्री वासुपूज्य स्वामीजी की मनमोहक अंगरचना दीपा कोठारी रतलाम द्वारा की गई।




