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25 टन नारियल का झांसा देकर 7.5 लाख की ठगी, यूपी से दबोचे गए साइबर गैंग के सदस्य

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जस्ट डायल से ढूंढते थे शिकार, एडवांस पेमेंट लेते ही हो जाते थे गायब, दो साइबर ठग गिरफ्तार

भोपाल। पन्ना में एक व्यापारी को 25 टन नारियल सप्लाई करने का झांसा देकर 7.5 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।

हैरानी की बात यह है कि आरोपी खुद को केरल की प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर जीएसटी नंबर, फर्म के दस्तावेज और ट्रक की जानकारी भेजते थे, जिससे लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाते थे। ‘सेफ क्लिक-2026’ अभियान के दूसरे ही दिन पन्ना पुलिस ने उत्तरप्रदेश से गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर 4.95 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं।

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पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेशभर में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे राज्यव्यापी “सेफ क्लिक-2.0” साइबर जागरूकता एवं सुरक्षा अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश पुलिस को साइबर अपराधियों के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर विभिन्न राज्यों से कुल 25 शिकायतें दर्ज हैं।

देवेन्द्रनगर निवासी व्यवसायी ने अपने मिनी मार्केट के लिए 25 टन नारियल खरीदने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आवश्यकता दर्ज की थी। इसके बाद एक व्यक्ति ने स्वयं को “केरल फॉर्च्यून ट्रेडर्स” का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया और आकर्षक मूल्य पर नारियल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया।

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आरोपी ने फर्म से संबंधित दस्तावेज, जीएसटी नंबर, ट्रक एवं चालक संबंधी जानकारी भेजकर विश्वास अर्जित किया। विश्वास में आने के बाद व्यवसायी ने विभिन्न माध्यमों से कुल 7 लाख 50 हजार रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में जमा कर दिए। भुगतान प्राप्त होने के बाद व्यक्ति एवं कथित ट्रक चालक ने संपर्क बंद कर दिया तथा नारियल फरियादी के पास नहीं पहुंचाए गए।

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शिकायत प्राप्त होने पर थाना देवेन्द्रनगर में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू के निर्देशन में विशेष जांच दल एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया। सतत तकनीकी निगरानी और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप पुलिस ने उत्तरप्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जस्ट डॉयल के माध्यम से प्राप्त मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर लोगों को कॉल लगाकर जिस चीज की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार से बात करके धोखाधड़ी करते हैं। इसके बाद अग्रिम भुगतान प्राप्त कर साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी ऑनलाइन व्यापारिक लेन-देन से पूर्व संबंधित फर्म, बैंक खाते, जीएसटी विवरण एवं संपर्क सूत्रों का स्वतंत्र सत्यापन अवश्य करें। केवल ऑनलाइन प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बड़ी धनराशि का भुगतान न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 अथवा [www.cybercrime.gov.in (http://www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं।

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