धर्म-अध्यात्म

गायत्री जयंती महापर्व पर गायत्री साधना एवं पौधारोपण का लिया संकल्प

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परिजनों ने केंद्र के निर्देश पर सवा लाख गायत्री मंत्र जप अनुष्ठान के संकल्प लिए

देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में देशभर में गायत्री जयंती के महापर्व पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी का महाप्रयाण दिवस बड़ी श्रद्धा एवं उमंग के साथ मनाया गया। इसी क्रम में स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर भी मनाया गया।

गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया, कि गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर में सुबह 5 बजे से आयोजन की शुरुआत हुई। गायत्री साधकों ने प्रातः 6 बजे से सन्ध्या 6 बजे तक अखण्ड गायत्री जप किया। शाम 7.30 बजे दीपयज्ञ किया। 24 जून गायत्री जयंती को प्रातः 8:30 बजे से श्रीवेदमाता गायत्री, गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी, माता भगवती देवी शर्मा का पूजन व देवताओं का आह्वान कर पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत हुई जिसमें दीक्षा, विवाह दिवस, जन्मदिवस, विद्यारंभ सहित विभिन्न संस्कार हुए।

कार्यक्रम में बाल संस्कार शाला के प्रभारी केशव पटेल व योग प्रशिक्षिका मंजू पटेल का विवाह दिवस भी मनाया गया। दोपहर 12 बजे सामूहिक गोष्ठी अपनों से अपनी बात में युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक प्रमोद निहाले ने युग तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से डॉ. साहब एवं जीजी के पत्र का वाचन कर मातृ जन्म शताब्दी वर्ष 2026 की जानकारी दी। गुरुदेव के महाप्रयाण दिवस पर सच्ची श्रद्धांजलि समर्पित करने हेतु गायत्री परिवार के रचनात्मक अभियानों को पूर्ण भाव से करने को संकल्पित किया।

श्री निहाले ने कहा कि आज की अनिवार्य आवश्यकता पौधे हैं, जिनका रोपण हर गायत्री साधक के लिए जरूरी हैं, कम से कम 11 पौधे लगाने का संकल्प आज गायत्री जयन्ती पर्व पर लेना जरूरी है। जिला समन्वयक बाबूलाल खंडेलवाल ने सवा लाख गायत्री मंत्र अनुष्ठान की विस्तार से जानकारी दी। सभागार में उपस्थित सैकड़ों परिजनों ने सामूहिक रूप से क्रमशः 3 माला, 5 माला, 11माला गायत्री साधना का संकल्प लिया। 45 परिजनों ने केंद्र के निर्देश पर सवा लाख गायत्री मंत्र जप अनुष्ठान के संकल्प लिए।

वरिष्ठ परिजन रमेशचन्द्र मोदी ने वृक्ष गंगा अभियान पर प्रकाश डाला। पुनीत वृक्ष गंगा अभियान के लिये भी कई परिजनों के संकल्प उभरे जिनमें विकास चौहान, राधेश्याम चौधरी, दिलीपसिंह सोलंकी जिन्हें सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में देवकरण कुमावत, सालिगराम सकलेचा, मुनीश नामदेव, महेन्द्र राठौर सहित सैकड़ों परिजन उपस्थित रहे। भंडारे का आयोजन भी किया गया।

गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर भी गायत्री प्रज्ञापीठ की संरक्षिका दुर्गा दीदी के सानिध्य में पंच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कार सम्पन्न हुए। प्रज्ञापीठ की संरक्षिका दुर्गा दीदी द्वारा सभी परिजनों को गायत्री जयंती एवं गुरुदेव के महाप्रयाण दिवस पर परम पूज्य गुरुदेव के स्मरण सुनाए। आयोजन में सुभाष जैन, अरुण शैव्य, विजय जाधव, केशव पटेल, चारुप्रभा बाबर, लता खंडेलवाल, लक्ष्मण पटेल, विक्रमसिंह राजपूत, चंद्रिका शर्मा, शेषनारायण परमार, वन्दना पाटीदार, ब्रजमोहन विजयवर्गीय, स्नेहलता पोरवाल, ओपी श्रीवास्तव, बीएल कुमावत, दिनेश बरड़े, अनिल निगम, अरुणेंद्र सोनी, सुरेश बालपांडे, प्रकाश दुबे, प्रखर दुबे, सीमा चौहान, उमा यादव, सीमा चौधरी, प्रहलाद श्रोत्रिय सहित सैकड़ों परिजन उपस्थित थे।

गायत्री शक्तिपीठ पर कर्मकांड का संचालन गायत्री शक्तिपीठ की देवकन्याओं ने किया एवं परिव्राजक रामनिवास कुशवाह द्वारा विविध संस्कारों का क्रम सम्पन्न किया।

गायत्री प्रज्ञापीठ पर कर्मकांड का संचालन ज्ञानदेव बोड़खे एवं सुधाकर चौधरी ने किया तथा अन्त में गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी महेश पंड्या एवं गायत्री प्रज्ञापीठ के मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी राजेन्द्र पोरवाल ने आभार व्यक्त किया।

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