
देवास। चलती आइशर वाहन की त्रिपाल काटकर किर्लोस्कर कंपनी के मोटर पम्प चोरी करने वाले गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए फरार तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इससे पहले पुलिस चोरी गए सभी 8 मोटर पम्प और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के तहत थाना कमलापुर पुलिस को ट्रक कटिंग प्रकरण में एक और बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी तुलसीराम झांझा (40) निवासी ग्राम धानीघाटी, थाना हाटपिपलिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
गौरतलब है कि 6 जून को फरियादी सुनील भलावी, निवासी कुश्मेली मंडी, थाना कुंडीपुरा (जिला छिंदवाड़ा) ने थाना कमलापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वह किर्लोस्कर कंपनी, देवास से आईसर वाहन में मोटर पम्प लेकर नागपुर जा रहे थे। 4 जून की रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर ग्राम धनतलाब के समीप अज्ञात बदमाशों ने चलती गाड़ी की त्रिपाल काटकर 8 किर्लोस्कर मोटर पम्प चोरी कर लिए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के निर्देशन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सर्जन सिंह मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पहले ही आरोपी जितेन्द्र और विशाल को गिरफ्तार कर चोरी गए सभी 8 मोटर पम्प बरामद किए जा चुके थे।
तीसरे आरोपी तुलसीराम झांझा की तलाश लगातार जारी थी। 13 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिलने पर हाटपिपलिया-कमलापुर मार्ग पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिल से ट्रक का पीछा करते हुए चलती आईसर वाहन की त्रिपाल काटकर मोटर पम्प चोरी करने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कमलापुर उप निरीक्षक सर्जन सिंह मीणा, सहायक उप निरीक्षक भीमसिंह, प्रधान आरक्षक भगवती प्रसाद खरे, राजेंद्र शर्मा, आरक्षक अरुण वर्मा, विवेक तथा सैनिक विष्णु प्रसाद सोनी की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।




