
‘अपार’ आईडी निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी, करनावद, खातेगांव व सोनकच्छ को प्रगति सुधारने की सख्त हिदायत
अर्द्धवार्षिक परीक्षा के बाद चिन्हित होंगे कमजोर विद्यालय; गणित व विज्ञान के लिए लगेंगी रेमेडियल कक्षाएं, शिक्षकों की टीम तैयार करेगी नोट्स
छात्रवृत्ति समस्याओं का करें त्वरित समाधान, कमजोर विद्यालयों पर डीईओ रखें सीधी नजर, प्राचार्यों की बैठक लेकर रिजल्ट में सुधार सुनिश्चित करें बीईओ: कलेक्टर श्रीमती मीना
देवास। जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर परिणाम और विद्यार्थियों के डिजिटल प्रोफाइलिंग से जुड़े कार्यों को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर नेहा मीना ने शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली।
बैठक में कलेक्टर ने विद्यार्थियों के यू-डाइस (UDISE), नामांकन, अपार (APAAR) आईडी जनरेशन, सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के निराकरण तथा ‘धरती आबा’ जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा की।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) से जुड़े मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। 10वीं/12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में निर्देश दिए कि 10वीं/12वीं के लिए विशेष उपचारात्मक कक्षाएं (रेमेडियल क्लासेस) शुरू की जाएं। इसके लिए सभी बीईओ को प्रधानाचार्यों के साथ बैठकें करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि उन स्कूलों का दौरा करें, जिनका पिछले साल का परिणाम अच्छा नहीं रहा था। उन्होंने निर्देश दिए कि संदीपनि विद्यालय, पीएम श्री और एक्सीलेंस स्कूलों के परिणामों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। छात्रावास (हॉस्टल) सुविधाओं का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने विद्यार्थियों की डिजिटल आईडी ‘अपार’ (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) जनरेशन की विकासखंडवार समीक्षा की। इस दौरान करनावद, खातेगांव एवं सोनकच्छ में लक्ष्य के अनुरूप अपार आईडी न बनने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी जनरेशन का कार्य प्राथमिकता से पूरा किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही यू-डाइस पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि और शत-प्रतिशत नामांकन की स्थिति को अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम को ऐतिहासिक बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अर्धवार्षिक परीक्षाओं के तत्काल बाद जिले के कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों का चिन्हांकन किया जाए। विशेष रूप से गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों में छात्रों के बुनियादी ज्ञान को मजबूत करने के लिए दीपावली अवकाश के पश्चात नियमित रूप से ‘रेमेडियल कक्षाएं’ संचालित की जाएं। कलेक्टर श्रीमती मीना ने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य यह होना चाहिए कि जो विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी की स्थिति में हैं, उन्हें विशेष मार्गदर्शन देकर प्रथम श्रेणी में लाया जाए।
शिक्षार्थियों की तैयारी को सरल और प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर श्रीमती मीना ने नवाचार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के अनुभवी व दक्ष शिक्षकों की एक विशेष टीम गठित की जाए। यह टीम बोर्ड कक्षाओं (10वीं एवं 12वीं) के छात्रों के लिए परीक्षा उपयोगी, सरल और गुणवत्तापूर्ण नोट्स तैयार करेगी, जिन्हें जिले के सभी संबंधित विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर ने शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर नवाचार करने वाले शिक्षकों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान ‘धरती आबा’ अभियान से जुड़े विकास कार्यों, छात्रावासों की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति व सुविधाओं की भी पड़ताल की गई। साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिक्षा विभाग से संबंधित सभी शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक समय-सीमा में निराकृत करने के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, बीईओ, बीआरसी एवं संबंधित विभागीय अमला उपस्थित रहा।



