टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस के साथ मुठभेड़ में पैर में लगी गोली
चंद्रशेखर आजाद नगर से दबोचा गया आईशर चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू, पुलिस अभिरक्षा से भागने के दौरान एएसआई का हथियार छीनकर हमले का किया था प्रयास

देवास। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में देवास पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध शराब से भरे आईशर वाहन से थाना प्रभारी को कुचलने की घटना में वांछित चालक गजेंद्र रावत उर्फ अक्कू को पुलिस ने आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस खातेगांव ले जा रही थी। इस दौरान आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की। उसने पुलिसकर्मी से हथियार छीनकर हमला किया। पुलिस की चेतावनी के बाद भी आरोपी नहीं रुका तो जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। फिलहाल आरोपी जिला चिकित्सालय देवास में उपचाररत है।
अभिरक्षा से भागने के प्रयास में हुई मुठभेड़-
पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद एसआईटी टीम खातेगांव ले जा रही थी। इसी दौरान बरोठा थाना क्षेत्र में उसने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हालात को देखते हुए पुलिस ने पहले उसे चेतावनी दी, लेकिन उसके हमलावर रुख को देखते हुए जवाबी कार्रवाई की। इसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।
अस्पताल में उपचार जारी-
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद निर्धारित मानक प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की गई है। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय देवास में भर्ती कराया गया है। उल्लेखनीय है कि खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान आईशर वाहन की चपेट में आकर शहीद हो गए थे। इसी मामले में पुलिस की एसआईटी टीम आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी में जुटी थी।




