स्वास्थ्य

कैंसर की पाठशाला: कैंसर क्या है? जानिए सच्चाई, शुरुआती लक्षण, बचाव और इलाज की पूरी जानकारी

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अमलतास मेडिकल कॉलेज के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. हेमंत कुमार मित्तल ने बताया- समय पर जांच और सही इलाज से लाखों मरीज हो रहे स्वस्थ

देवास। “कैंसर” शब्द सुनते ही अधिकांश लोगों के मन में डर, चिंता और कई तरह के सवाल पैदा हो जाते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि कैंसर का मतलब जीवन का अंत नहीं है। यदि बीमारी का समय पर पता चल जाए और विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में इलाज शुरू हो जाए, तो आज कई प्रकार के कैंसर का सफल उपचार संभव है।

अमलतास मेडिकल कॉलेज, देवास के डीएम (मेडिकल ऑन्कोलॉजी) डॉ. हेमंत कुमार मित्तल ने विशेष चर्चा में कैंसर से जुड़े कई भ्रम दूर करते हुए इसकी वास्तविक जानकारी साझा की।

क्या है कैंसर? आसान भाषा में समझिए
डॉ. मित्तल बताते हैं कि हमारे शरीर में अरबों-खरबों कोशिकाएं (Cells) होती हैं। सामान्य स्थिति में ये कोशिकाएं नियंत्रित तरीके से बनती और नष्ट होती रहती हैं। लेकिन जब कुछ कोशिकाएं बिना नियंत्रण के लगातार बढ़ने लगती हैं और शरीर के प्राकृतिक नियमों का पालन नहीं करतीं, तब कैंसर विकसित होता है।समय के साथ ये कोशिकाएं गांठ (ट्यूमर) बना सकती हैं और कुछ मामलों में शरीर के दूसरे अंगों तक भी फैल जाती हैं।

हर गांठ कैंसर नहीं होती
उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीर में बनने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती। सामान्य (Benign) गांठें शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलतीं। कैंसरयुक्त (Malignant) गांठें आसपास के ऊतकों और अन्य अंगों तक फैल सकती हैं। इसीलिए शरीर में किसी भी नई या असामान्य गांठ को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

किन कारणों से बढ़ता है कैंसर का खतरा?
डॉ. मित्तल के अनुसार कई कारण कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं, जिनमें प्रमुख है

▪️तंबाकू और गुटखा का सेवन
▪️धूम्रपान
▪️अत्यधिक शराब
▪️मोटापा
▪️असंतुलित खान-पान
▪️शारीरिक निष्क्रियता
▪️कुछ वायरस संक्रमण
▪️प्रदूषण
▪️बढ़ती उम्र

हालांकि कई बार किसी स्पष्ट कारण के बिना भी कैंसर हो सकता है। इसलिए किसी एक कारण को ही जिम्मेदार मानना सही नहीं है।

कैंसर से जुड़े दो बड़े भ्रम

भ्रम 1: कैंसर केवल बुजुर्गों को होता है।
सच्चाई: कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ जाता है।

भ्रम 2: परिवार में किसी को कैंसर नहीं है, इसलिए मुझे नहीं होगा।
सच्चाई: अधिकांश कैंसर वंशानुगत नहीं होते। इसलिए हर व्यक्ति को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

इन शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
कई बार कैंसर शुरुआती अवस्था में बिना किसी लक्षण के भी हो सकता है। फिर भी यदि इनमें से कोई समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से जरूर मिलें—
▪️शरीर में नई गांठ
▪️लगातार खांसी
▪️बिना कारण तेजी से वजन घटना
▪️असामान्य रक्तस्राव
▪️लगातार थकान
▪️मुंह का घाव लंबे समय तक ठीक न होना
▪️मल-मूत्र की आदतों में अचानक बदलाव

समय पर जांच क्यों है सबसे जरूरी?
डॉ. मित्तल का कहना है कि कई कैंसर शुरुआती चरण में बिल्कुल लक्षण नहीं देते। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक स्क्रीनिंग बीमारी को शुरुआती अवस्था में पकड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है।

आज कैंसर का इलाज पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी
चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति के कारण अब कैंसर के इलाज के कई आधुनिक विकल्प उपलब्ध हैं।
▪️सर्जरी
▪️कीमोथेरेपी
▪️रेडियोथेरेपी
▪️टार्गेटेड थेरेपी
▪️इम्यूनोथेरेपी

किस मरीज के लिए कौन-सा उपचार उपयुक्त होगा, इसका निर्णय कैंसर के प्रकार, उसकी अवस्था और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर किया जाता है।

डॉक्टर की सलाह: डरें नहीं, समय पर इलाज कराएं
डॉ. हेमंत कुमार मित्तल का कहना है कि कैंसर का नाम सुनकर घबराने के बजाय सही जानकारी लेना और समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करना सबसे जरूरी है। डर, अफवाह या झिझक के कारण जांच और इलाज में देरी करना मरीज के लिए सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है।

याद रखें
कैंसर से डरना नहीं, उसे समझना जरूरी है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, तंबाकू से पूरी तरह दूर रहें, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और शरीर में दिखाई देने वाले किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें। क्योंकि जागरूकता ही बचाव की पहली सीढ़ी है और समय पर उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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