शिक्षासाहित्य

समाज प्रबोधक, लेखक, दार्शनिक, चिंतक एवं क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे ज्योतिबा फूले- विष्णु वर्मा

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– शासकीय नूतन उमावि में मनाया जन्मदिन
देवास। शासकीय नूतन उमावि में महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फूलेजी का जन्म दिवस मनाया गया। प्राचार्य विष्णु वर्मा ने ज्योतिबा फूले के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला। आपने बताया, कि ज्योतिबा फूले का जन्म 1873 में महाराष्ट्र में हुआ था। आपकी गिनती भारतीय समाज सुधारकों में की जाती है। आप समाज सुधारक, समाज प्रबोधक, लेखक, दार्शनिक, चिंतक एवं क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे। आपको महात्मा फूले एवं ज्योतिबा फूले के नाम से जाना जाता है। आपने महाराष्ट्र में सत्य शोधक समाज नामक संस्था का गठन किया। खासकर महिला, पिछड़ों एवं अछूतों के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए। तात्कालिक सामाजिक व्यवस्था के विरूद्ध लड़ाई लड़ी। समाज के सभी वर्गों को शिक्षा प्राप्त हो इसके प्रबल समर्थक रहें। वे भारतीय समाज में प्रचलित जाति आधारित व्यवस्था के विरूद्ध रहें।

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