शिक्षा

बागली में FLN प्रशिक्षण का दूसरा चरण पूरा, 121 शिक्षकों ने सीखी बच्चों को पढ़ाने की नई तकनीकें

कक्षा 1 और 2 के शिक्षकों को भाषा, गणित, गतिविधि आधारित शिक्षण के साथ AI और डिजिटल संसाधनों का दिया प्रशिक्षण

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बागली (हीरालाल गोस्वामी)। कक्षा 1 और 2 के बच्चों की पढ़ाई को आसान और बेहतर बनाने के उद्देश्य से बागली विकासखंड में चल रहे चार दिवसीय FLN प्रशिक्षण के द्वितीय चरण का समापन हुआ।

प्रशिक्षण में विकासखंड के 121 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने के साथ ही पढ़ाने के नए और सरल तरीकों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में शिक्षकों को बताया गया कि शुरुआती कक्षाओं में बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे गतिविधियों, खेल और बच्चों की रुचि के अनुसार कराया जाना चाहिए। भाषा और गणित से जुड़े विषयों को सरल तरीके से समझाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास भी कराया गया।

भाषा और गणित की पढ़ाई को रोचक बनाने पर जोर-
चार दिवसीय प्रशिक्षण में कक्षा 1 और 2 के बच्चों की आधारभूत दक्षताओं पर विशेष ध्यान दिया गया। शिक्षकों को भाषा कौशल, संख्या पहचान, जोड़-घटाव और अन्य शुरुआती गणितीय अवधारणाओं को बच्चों तक आसानी से पहुंचाने के तरीके बताए गए।

इसके साथ ही आनंदमय शिक्षण, मूल्य एवं नैतिक शिक्षा, कौशल बोध और उमंग कार्यक्रम जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों को इन गतिविधियों को कक्षा में किस तरह उपयोग किया जा सकता है, इसकी जानकारी दी गई।

AI और डिजिटल तकनीक से पढ़ाई को आसान बनाने की जानकारी-
प्रशिक्षण में Artificial Intelligence (AI) और डिजिटल संसाधनों के उपयोग को भी शामिल किया गया। शिक्षकों से चर्चा की गई कि तकनीक का उपयोग कर शिक्षण सामग्री को अधिक रोचक और बच्चों के स्तर के अनुसार कैसे बनाया जा सकता है।

शिक्षकों ने अपने कक्षा-कक्ष के अनुभव साझा किए और बच्चों को पढ़ाने के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की। प्रशिक्षण के दौरान इन समस्याओं के समाधान और शिक्षण को अधिक बाल-केंद्रित बनाने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

अधिकारियों ने प्रशिक्षण स्थल का किया निरीक्षण-
चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान सहायक संचालक एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुश्री प्रिया भानुपुरिया ने प्रशिक्षण स्थल पहुंचकर गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षक-शिक्षिकाओं से चर्चा कर प्रशिक्षण में शामिल विषयों और उसकी प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

प्रशिक्षण का मार्गदर्शन बीआरसी बोहरा जी, आशीष सिसोदिया, प्रफुल्ल द्विवेदी (MRC) एवं ब्लॉक सह-समन्वयक सुभाष मालवीय ने किया। विषयवार प्रशिक्षण में हिंदी मास्टर ट्रेनर बी. योगेश तिवारी और कमल सिंह राजपूत, गणित मास्टर ट्रेनर विक्रम सिंह परमार और रमेशचंद्र सोलंकी तथा अंग्रेजी मास्टर ट्रेनर जगदीश परमार और नेहा श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण दिया।

समापन अवसर पर मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को बच्चों की शुरुआती शिक्षा को सरल, रोचक, गतिविधि आधारित और बाल-केंद्रित बनाने के तरीकों के साथ आधुनिक डिजिटल संसाधनों के उपयोग की जानकारी मिली।

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