क्राइम

वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हमला, ग्रामीणों ने बरसाए पत्थर; 6 वनकर्मी घायल, ड्रोन और वाहन तोड़े

Share

 

देवास। जिले के कमलापुर क्षेत्र में सरकारी वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर शनिवार को ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया।

25-30 ग्रामीणों ने वन अमले और पुलिस बल को चारों ओर से घेरकर जमकर पथराव किया। हमले में 6 वनकर्मी घायल हो गए, जिनमें 3 के सिर में गंभीर चोट आई है। उपद्रवियों ने विभागीय वाहनों, जेसीबी मशीनों और ड्रोन को भी नुकसान पहुंचाया। पथराव इतना तीव्र था कि वनकर्मियों और पुलिसकर्मियों को जान बचाने के लिए खेतों की ओर भागना पड़ा। घटना का ड्रोन वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अफरा-तफरी का पूरा घटनाक्रम दिखाई दे रहा है।

घटना शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे देवास जिले के जिनवाणी वन परिक्षेत्र अंतर्गत कमलापुर बीट के कक्ष क्रमांक-94 में हुई। वन विभाग की टीम सरकारी वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। जानकारी के अनुसार कार्रवाई के लिए सात रेंजों के लगभग 70 वनकर्मी और कमलापुर थाना पुलिस का बल मौके पर मौजूद था।

बताया जा रहा है कि जैसे ही वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, भीलआमला गांव के 25-30 ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ग्रामीणों ने वन अमले को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद अचानक पथराव शुरू हो गया। ग्रामीणों ने गोफन का उपयोग कर भी पत्थर बरसाए, जिससे कई कर्मचारी घायल हो गए।

कार्रवाई का नेतृत्व बागली एसडीओ अंकित जामोद कर रहे थे। हमलावरों ने उनके वाहन को भी निशाना बनाया और जमकर पत्थर फेंके। हालात बिगड़ते देख अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचे। कई वनकर्मियों और पुलिसकर्मियों को जान बचाने के लिए इधर-उधर की भागना पड़ा।

हमले के दौरान विभागीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। एसडीओ अंकित जामोद ने बताया कि वन विभाग के 6 वाहनों, 2 जेसीबी मशीनों तथा ड्रोन को क्षति पहुंचाई गई है। ड्रोन भी क्षतिग्रस्त हुआ।

घायल वनरक्षक ज्योति जाट ने बताया कि हमला अचानक हुआ और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। हमले में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज तथा परिक्षेत्र सहायक केके परमार घायल हुए हैं। सभी घायलों को कमलापुर स्वास्थ्य केंद्र और चापड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में तीन घायलों को देवास जिला अस्पताल रेफर किया गया।

वन विभाग के एसडीओ विकास माहोरे ने बताया कि भीलआमला गांव के पास सरकारी वन भूमि पर लंबे समय से अवैध खेती की जा रही थी। इसी अतिक्रमण को हटाने के लिए विभागीय टीम मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए हमला कर दिया।

घटना के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। वन अमले पर हमले के 4 घंटे के भीतर पुलिस का एक्शन, 4 आरोपी गिरफ्तार

Back to top button