देवास के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 3 मजदूरों की मौत, 15 घायल

– फैक्ट्री में 12 से 15 हजार रुपए में नाबालिग भी कर रहे थे जोखिम भरा काम
– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टोंककला की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की जांच के दिए निर्देश
देवास। जिले के मक्सी रोड स्थित टोंककला में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। हादसे में तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक मजदूर घायल हो गए।
घायलों को देवास, इंदौर और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फैक्ट्री परिसर में चीख-पुकार गूंज उठी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री में केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और आग फैल गई। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री की ईंट की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और टीन शेड कई फीट दूर जाकर गिरा। कुछ शवों के टुकड़े भी आसपास बिखर गए, जिससे घटनास्थल का मंजर बेहद भयावह हो गया।

बड़ी संख्या में मजदूर कर रहे थे काम-
जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त फैक्ट्री में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। घायलों ने बताया कि जिस कमरे में विस्फोट हुआ वहां करीब 15 से 20 मजदूर मौजूद थे। फैक्ट्री में कुल 500 से अधिक मजदूर कार्यरत थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। मजदूरों के अनुसार यहां 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग से भी काम कराया जा रहा था। उन्हें महीने के 12 से 15 हजार रुपए देकर करीब 12 घंटे तक जोखिमभरा काम करवाया जाता था।

मजदूरों ने सुनाई हादसे की आपबीती-
सामान्य रूप से झुलसे मजदूर शशि कुमार ने बताया कि फैक्ट्री में एल्युमिनियम पाउडर से माचिस वाले पटाखे बनाए जा रहे थे। अचानक विस्फोट हुआ और पूरी इमारत हिल गई। उन्होंने बताया कि धमाके के बाद दीवारें गिर गईं और टीन शेड हवा में उछलकर दूर जा गिरा। शशि कुमार दो महीने पहले ही यहां काम करने आए थे।
वहीं संजय कुमार ने बताया कि फैक्ट्री में काम करने वाले अधिकांश मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश के थे। बिहार से करीब डेढ़ सौ और यूपी से लगभग 100 मजदूर यहां काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में 300 से ज्यादा महिलाएं भी कार्यरत थीं। मजदूरों को साप्ताहिक भुगतान किया जाता था और पटाखे बनाने वाले मजदूरों को अधिक मजदूरी दी जाती थी।
पहले भी लग चुकी थी आग-
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले भी इसी फैक्ट्री में आग लग चुकी थी, लेकिन उस समय आग पर जल्दी काबू पा लिया गया था। इसके बावजूद फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। हादसे के बाद लोगों में प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली।
प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा-
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। मामले में फैक्ट्री मालिक को हिरासत में लिया गया है। संभागायुक्त आशीष सिंह जब घटनास्थल पर पहुंचे तो लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। संभागायुक्त आशीष सिंह ने बताया कि घायलों का इलाज देवास जिला अस्पताल, अमलतास अस्पताल, इंदौर के एमवाय अस्पताल और चोइथराम अस्पताल में कराया जा रहा है।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह एवं पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने घटना स्थल का लिया जायजा-
कलेक्टर ऋतुराज सिंह एवं पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने जिले के टोंककला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटना पर स्थल पर पहुंचे और स्थिति जायजा लिया। इस दौरान अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि घायलों को उपचार के लिए एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय एवं अन्य चिकित्सालयों में भर्ती कराया गया है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के निर्देश दिए गए हैं। घटना में 3 श्रमिकों की दुःखद मृत्यु हुई है तथा 15 श्रमिक घायल हुए है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक जिला अस्पताल और अमलतास अस्पताल में उपचाराधीन घायल श्रमिकों से मुलाकात कर और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पतालों के डॉक्टरों से घायल श्रमिकों के इलाज के संबंध में विस्तृत चर्चा भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टोंककला की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की जांच के दिए निर्देश-
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि विस्फोट में कई लोगों के हताहत होने का समाचार हृदय विदारक है। जिले के प्रभारी एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। घटना की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिए निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में घायलों को त्वरित स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने और शोकाकुल परिजन को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।




