भीषण आग: नेवरी फाटा में 4 झोपड़ियां जलकर खाक, लाखों की नगदी भी जली
- परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट

दोपहर की तेज गर्मी के बीच अचानक उठी आग की लपटों ने देवास के नेवरी फाटा इलाके में बड़ा नुकसान किया। कुछ ही मिनटों में झुग्गी-झोपड़ियां जलने लगीं और देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं से भर गया। लोगों ने किसी तरह जान बचाई, लेकिन उनके सपने और जमा पूंजी आग में स्वाहा हो गए।
भौंरासा (मनोज शुक्ला)। शनिवार दोपहर नेवरी फाटा क्षेत्र में लगी भीषण आग ने चार झोपड़ियों को पूरी तरह तबाह कर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागता नजर आया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग करीब 12:30 बजे लगी और तेज हवा के कारण कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। आग की ऊंची लपटें और उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। सूचना मिलते ही देवास और सोनकच्छ से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद करीब दो घंटे में, यानी 2:30 बजे तक आग पर काबू पाया गया।
इस हादसे में चार झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। वहां रहने वाले परिवारों ने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन उनका घर-गृहस्थी का सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया।
सबसे ज्यादा नुकसान बाबूलाल नाथ के परिवार को हुआ।

उन्होंने बताया कि वे टब-तगारी सहित अन्य सामान बेचने का काम करते हैं और महाराष्ट्र से कमाई कर दो दिन पहले ही लौटे थे। घर में रखे करीब 2 से ढाई लाख रुपए नगद भी आग में जल गए। उन्होंने बताया कि जैसे ही आग की लपटें दिखीं, वे तुरंत पत्नी और दोनों बेटियों को बाहर निकालने में जुट गए। लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि वे अपने पैसे और सामान नहीं बचा सके।

आग में बर्तन, कपड़े, जरूरी सामान और हाल ही में खरीदी गई बेटी की साइकिल भी जलकर खाक हो गई। अब परिवार के सामने रहने और खाने-पीने तक की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं एक अन्य परिवार का भी पूरा सामान आग में नष्ट हो गया।
आग की चपेट में पास स्थित खाटू श्याम मंदिर भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।




