एक पेड़ श्रीगिरिराज के नाम – तीर्थ यात्रा को हरियाली से जोड़ता एक नेक संकल्प

पर्यावरण संरक्षण की ओर देवास के यात्रियों का अनुकरणीय प्रयास
देवास। तीर्थ सिर्फ आध्यात्मिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बन सकता है। इसी सोच के साथ देवास के तीर्थयात्रियों ने मथुरा स्थित गिरीराज परिक्रमा मार्ग पर पीपल, आम और नीम के पौधे लगाकर “एक पेड़ श्रीगिरिराज के नाम” अभियान की शुरुआत की। यह कार्य केवल धर्म नहीं, धरती के प्रति प्रेम का प्रतीक बन गया।
गोविंद कुंड के समीप हुए इस पौधारोपण में पर्यावरण कार्यकर्ता बुद्धसेन पटेल के नेतृत्व में बाबूलाल पटेल, नानकराम जाटव, वनीता ठाकरे, कल्पना आगरे, मीनाक्षी चौधरी, रेखा सेन, श्यामा सोनी, कृष्णा झा, दीपिका मालवीय, प्रमिला देशमुख, चंपा सोनी और संध्या सोनी ने भाग लिया।
बुद्धसेन पटेल का कहना है, कि तीर्थ यात्राएं केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें प्रकृति के संरक्षण से जोड़ा जाए। वे देशवासियों से अपील करते हैं कि हर तीर्थ यात्रा को यादगार बनाने के लिए एक पौधा जरूर लगाएं, वो भी मां के नाम या किसी प्रियजन के नाम से। यह न केवल स्मृति को सहेजने का कार्य है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली का आशीर्वाद भी है।
ऐसे कदम दर्शाते हैं कि धर्म और पर्यावरण संरक्षण साथ चल सकते हैं। यदि हर यात्री एक पौधा लगाए, तो भारतवर्ष हरियाली से भर सकता है। हर तीर्थ पर एक पेड़ प्रकृति की सच्ची आराधना।




