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कृषि विभाग के दल ने टोंकखुर्द विकासखंड में खेतों पर जाकर किया सोयाबीन फसल का निरीक्षण

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टोंकखुर्द/देवास। कृषि विभाग के दल ने टोंकखुर्द विकासखण्‍ड के ग्राम कनेरिया, नाईखेडी, नांदेल एवं नावदा ग्राम में खेतों में बोई गई सोयाबीन फसल का निरीक्षण किया।

टीम में उप संचालक कृषि गोपेश पाठक, अनुविभागीय कृषि अधिकारी राजेन्‍द्र द्विवेदी, सहायक संचालक कृषि विलास पाटिल एवं प्रभारी व.कृ.वि.अ. भारतसिंह सोलंकी शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सोयाबीन फसल का अंकुरण अच्‍छा हुआ है एवं फसल की बढ़वार अच्‍छी है। टीम द्वारा कृषकों को उचित खरपतवार नियंत्रण के लिए अपनी सुविधा अनुसार बोनी के तुरंत बाद उपयोगी अनुशंसित खरपतवार नाशकों का छिडकाव संबंधी सलाह दी।

उप संचालक कृषि गोपेश पाठक ने बताया कि बोवनी के तुरंत बाद डायक्‍लोसुलम 0.9 प्रतिशत+ पेण्‍डीमिथालीन 35 प्रतिशत एसी (22.5+875 ai/ha) 2.5 लीटर प्रति हेक्‍टेयर। पेण्‍डीमिथालीन 30 ईसी 2.50 लीटर से 3.30 लीटर प्रति हेक्‍टेयर। सल्‍फेन्‍ट्राझोन+क्‍लोमोझोन 1.25 लीटर प्रति हेक्‍टेयर।

बोवनी के 10 से 12 दिन के बाद क्‍लोरीम्‍यूरान इथाईल 25 डब्‍ल्‍यूपी+सर्फेक्‍टेन्‍ट 36 ग्राम प्रति हेक्‍टेयर। बेन्‍टाझोन 480 एसएल 2.00 लीटर प्रति हेक्‍टेयर को पर्याप्‍त पानी में घोलकर (नेपसेक स्‍प्रेयर से प्रति हेक्‍टेयर 450 से 500 लीटर पानी में एवं पॉवर स्‍प्रेयर से 120 लीटर पानी प्रति हेक्‍टेयर) का उपयोग करें।

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