क्राइम

जिला अस्पताल का कर्मचारी फर्जी लेटर लेकर पहुंचा जेल, मामला उजागर

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देवास। जिला अस्पताल में सहायक ग्रेड-2 पद पर कार्यरत सुरेश शिंदे की करतूत ने स्वास्थ्य विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को शिंदे ने आरएमओ के फर्जी हस्ताक्षर वाला दस्तावेज तैयार कर जिला जेल में प्रवेश कर लिया।

सूत्रों के अनुसार, शिंदे जेल में बंद जिला अस्पताल के आउटसोर्स सफाईकर्मी के सुपरवाइजर से मुलाकात करने और उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने पहुंचा था। लेकिन जेल कर्मचारियों की सतर्कता ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। जब जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल से उस पत्र की पुष्टि कराई, तो साफ हो गया कि अस्पताल से ऐसा कोई पत्र जारी ही नहीं हुआ था।

एफआईआर और निलंबन की तैयारी

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने मामले को गंभीर मानते हुए आरएमओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कर्मचारी पर फौरन FIR दर्ज कराई जाए।

सिविल सर्जन डॉ. आरपी परमार ने बताया कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ पुलिस को FIR के लिए अवगत करा दिया गया है। साथ ही निलंबन की कार्रवाई हेतु नोटशीट भी तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी द्वारा फर्जी लेटर बनाना गंभीर अपराध है, जिसके लिए वरिष्ठ कार्यालय को भी आगे की कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है।

जेल प्रशासन की चौकसी से हुआ भंडाफोड़

यदि जेल कर्मचारी समय रहते संदेह न जताते, तो शिंदे की यह साजिश कामयाब हो सकती थी।

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