शक्कर के दाम में अचानक उछाल, आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ
40 से 65 रुपए किलो तक पहुंचे, कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा ने सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की

देवास। रोजमर्रा की जरूरत की खाद्य सामग्री के दामों में अचानक बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। शक्कर के दाम में कथित रूप से अचानक हुई तेज वृद्धि को लेकर कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा ने केंद्र और प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महंगाई पर नियंत्रण की मांग की है।
सुधीर शर्मा का कहना है कि शक्कर का भाव अचानक करीब 40 रुपए से बढ़कर 65 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा। शक्कर के साथ गुड़ सहित अन्य खाद्य सामग्री के दामों में भी बढ़ोतरी होने की बात कही गई है।
अचानक बढ़े दामों ने खड़े किए सवाल- कांग्रेस नेता ने शक्कर के दाम में अचानक हुई वृद्धि पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि आखिर कीमतों में इतनी तेजी क्यों आई। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं बड़े व्यापारियों या किसी संभावित सिंडिकेट की भूमिका तो नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान है। ऐसे में रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं के दाम अचानक बढ़ना उसके घरेलू बजट को सीधे प्रभावित करता है।
25 रुपए अतिरिक्त का पड़ सकता है बोझ- सुधीर शर्मा ने कहा कि यदि शक्कर का भाव 40 रुपए से बढ़कर 65 रुपए प्रति किलो तक बना रहता है तो उपभोक्ता को प्रत्येक किलो पर करीब 25 रुपए अतिरिक्त चुकाने पड़ेंगे। बड़ी मात्रा में शक्कर खरीदने वाले परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च और बढ़ जाएगा।
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उन्होंने चिंता जताई कि बाजार में किसी वस्तु के दाम एक बार बढ़ जाने के बाद उन्हें वापस पुराने स्तर पर लाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए सरकार को शुरुआत में ही प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि इसका बोझ उपभोक्ताओं पर लंबे समय तक न पड़े।
सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग- कांग्रेस नेता ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की कि शक्कर के दामों में अचानक हुई वृद्धि की वास्तविक वजह सामने लाई जाए और यदि कहीं जमाखोरी, कालाबाजारी या अनुचित व्यापारिक गतिविधि सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल शक्कर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी निगरानी बढ़ानी चाहिए, ताकि आम जनता को अनावश्यक महंगाई का सामना न करना पड़े।
सुधीर शर्मा ने मांग की कि शक्कर के बढ़े हुए दामों को तत्काल नियंत्रित किया जाए और उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।




