जीवन को आनंदित करती हैं कृष्ण की बाल लीलाएं
भागवत कथा में महंत स्वामी रामनारायण ने सुनाया श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग, छप्पन भोग लगाया

देवास। जीवन को आनंदित करने वाली श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं भक्तों को आनंद और भक्ति से भर देती हैं। विश्व कल्याण के लिए भगवान समय-समय पर अवतार लेते हैं।
यह विचार श्री राम द्वारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान महंत स्वामी रामनारायण ने व्यक्त किए। कथा के दौरान महंत स्वामी रामनारायण ने शुकदेव मुनि और राजा परीक्षित के बीच हुए संवाद का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान की लीलाओं का श्रवण जीवन को आनंद और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। इस अवसर पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया और प्रसाद का वितरण किया गया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सनातन संस्कृति और संस्कार देना परिवार का प्रथम कर्तव्य है। संस्कारवान बालक ही आगे चलकर समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माता-पिता का दायित्व है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार भी दें। शिक्षा और संस्कार के समन्वय से ही व्यक्ति, परिवार और समाज की उन्नति संभव है।
कथा के दौरान संत राम सुमिरनजी, बाल संत पुनीत रामजी एवं राम स्नेही सत्संग मंडल ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। आयोजकों ने बताया कि शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। कथा का समय दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है। राम स्नेही सत्संग मंडल ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।




