इंदौर-बैतूल फोरलेन पर रास्ते की चौड़ाई और पुलिया के मोड़ को लेकर किसानों ने विधायक को बताई समस्या
भमोरी और तिस्सी के किसानों ने रास्ते की चौड़ाई व ऊंचाई बढ़ाने की मांग की

भमोरी (नरेंद्र ठाकुर)। इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन फोरलेन सड़क को लेकर भमोरी और तिस्सी गांव के किसानों ने अपनी समस्या विधायक मुरली भंवरा के सामने रखी।
तिस्सी गांव में जो प्रधानमंत्री रोड बना है, उसके ऊपर से छोटी पुलिया बनाकर फोरलेन बनाया जा रहा है। सीधी पुलिया नहीं बनाई और उसमे किसानों को फसल के लिए हार्वेस्टर अपने गांव-खेतों पर नहीं ले जा सकते, क्योंकि पुलिया में से नहीं निकल पायेगी। बोरिंग करवाने के लिए हॉलैंड मशीन भी नहीं ले जा पाएंगे। किसानों ने बताया कि फोरलेन निर्माण के दौरान खेतों तक आने-जाने के लिए बनाए जा रहे रास्तों की चौड़ाई और ऊंचाई कम होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, पुलिया पर अधिक मोड़ होने के कारण भी आवागमन में दिक्कत आने की आशंका है।
किसानों ने विधायक को अवगत कराया कि भमोरी और तिस्सी क्षेत्र में कई किसानों की कृषि भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास स्थित है। ऐसे में खेतों तक ट्रैक्टर, ट्रॉली और अन्य कृषि वाहनों को ले जाने के लिए पर्याप्त चौड़ाई और ऊंचाई वाले रास्तों की आवश्यकता है। यदि रास्ते संकरे और ऊंचाई में कम बनाए गए तो किसानों को कृषि कार्य के दौरान परेशानी होगी। इससे खेतों तक खाद, बीज और कृषि उपकरण पहुंचाने के साथ ही उपज को बाहर निकालने में भी समस्या आ सकती है।
किसानों ने पुलिया के निर्माण में अधिक मोड़ होने की समस्या भी उठाई। उनका कहना है कि मोड़ अधिक होने से बड़े वाहनों और कृषि उपकरणों को निकालने में परेशानी होगी। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रह सकती है।
किसानों ने विधायक मुरली भंवरा से मांग की कि निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और संबंधित विभाग को किसानों की समस्याओं से अवगत कराया जाए तथा निर्माण के दौरान ही रास्तों की चौड़ाई, ऊंचाई और पुलिया के मोड़ों में आवश्यक सुधार करवाया जाए।
किसानों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ किसानों की सुविधाओं और खेतों तक सुगम पहुंच का ध्यान रखना भी जरूरी है। समय रहते समस्याओं का समाधान होने से भविष्य में किसानों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।




