खातेगांव घटना का मुख्य आरोपी निकला अवैध शराब का तस्कर और मास्टर माइंड
मुख्य सरगना राहुल जायसवाल गिरफ्तार, 5 जिलों में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन

टिमरनी से गुजरात सप्लाई हो रही थी शराब, फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रु का इनाम घोषित
देवास। जिले के खातेगांव में अवैध शराब के वाहन को रोकने के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी के निधन की घटना के पश्चात पुलिस की विभिन्न टीमों ने दबिश देकर अवैध शराब से भरे वाहन को पकड़ लिया है। इस घटना की एफआईआर थाना खातेगांव में आबकारी एक्ट के तहत दर्ज की गई है।
अवैध शराब के नेटवर्क के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। वाहन चालक गजेन्द्र उर्फ अक्कु रावत निवासी अलीराजपुर है, जिसे वाहन केरम सिंह चांगोड़ निवासी अलीराजपुर ने उपलब्ध करवाया था। केरम सिंह को अभिरक्षा में लिया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि यह अवैध शराब टिमरनी से गुजरात ले जाई जा रही थी।
बीती रात अवैध शराब की तस्करी रोकने की कोशिश में खातेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी को अपनी जान गंवानी पड़ी। शराब से भरे आयशर वाहन को रोककर तलाशी लेने के लिए कहने पर चालक ने उन्हें कुचलने की नीयत से वाहन उनके ऊपर चढ़ा दिया और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में एक आरक्षक भी घायल हुआ है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है। पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों के निर्देशन में अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। मामले में कथित नेटवर्क के मुख्य संचालक राहुल जायसवाल सहित कई लोगों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल, ढाबे के सामने मिला शराब से भरा आयशर-
पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयशर वाहन क्रमांक MP43 H 4786 में बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरकर टिमरनी, जिला हरदा से गुजरात ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद के निर्देशन में चार पुलिस टीमें गठित की गईं। टीमों ने संभावित रास्तों पर नाकेबंदी शुरू की। इसी दौरान संदलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने अवैध शराब से भरा आयशर वाहन खड़ा दिखाई दिया।
तलाशी के लिए कहा तो थाना प्रभारी पर चढ़ा दिया वाहन-
पुलिस के मुताबिक, खातेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी ने वाहन चालक को नीचे उतरकर तलाशी देने के लिए कहा। इसी दौरान चालक ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से आयशर वाहन थाना प्रभारी के ऊपर चढ़ा दिया। इसके बाद वह शराब से भरे वाहन को लेकर वहां से भाग निकला। चालक ने आरक्षक सोहन जाट को भी वाहन से कुचलने का प्रयास किया, जिसमें आरक्षक घायल हो गया। गंभीर रूप से घायल निरीक्षक दिलीप पुरी को उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
फरार वाहन को पुलिस ने पकड़ा, तस्करी का तरीका और नेटवर्क आया सामने-
घटना के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने पीछा कर दबिश दी और अवैध शराब से भरे आयशर वाहन को जब्त कर लिया। मामले में थाना खातेगांव में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109(1), 121(2), 3(5) और आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
विवेचना में सामने आई जानकारी के अनुसार, आयशर वाहन चलाने वाला आरोपी गजेन्द्र उर्फ अक्कु रावत जिला अलीराजपुर का निवासी है। उसे वाहन केरम सिंह चंगोड़ ने उपलब्ध कराया था। पुलिस ने केरम सिंह को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू की है।
तीन दुकानों से शराब की सप्लाई, राहुल जायसवाल की मुख्य भूमिका-
पुलिस जांच में अवैध शराब की तस्करी के पीछे एक संगठित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक विवेचना के अनुसार, शराब की खेप टिमरनी से गुजरात भेजी जा रही थी। शराब ठेका पाटेन्द्र जायसवाल निवासी बड़वानी के नाम से है, लेकिन इसमें उसकी हिस्सेदारी सिर्फ 10 प्रतिशत है, जबकि टिमरनी जिला हरदा निवासी राहुल जायसवाल, इंदौर निवासी मनीष जायसवाल और अहमदाबाद गुजरात निवासी मोहिन जायसवाल की हिस्सेदारी 30-30 प्रतिशत है।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य सरगना राहुल जायसवाल हरदा में रहकर तीन दुकानों से अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क संचालित करता था। तस्करी से मिलने वाली रकम उसके पास जमा होती थी और बाद में अन्य साझेदारों को उनका हिस्सा दिया जाता था। पुलिस ने राहुल जायसवाल को अभिरक्षा में लिया है। उसके विरुद्ध हरदा जिले में पहले से भी आपराधिक प्रकरण दर्ज है।
इंदौर के विजय राव से भी पूछताछ, पांच जिलों में पुलिस की दबिश-
इस मामले में इंदौर निवासी विजय राव को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, उसने राहुल जायसवाल के लिए अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क में काम करना स्वीकार किया है। विवेचना में नेटवर्क से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने के बाद पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें लगातार दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रही हैं।
फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित-
मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक देवास ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस अब शराब की सप्लाई, परिवहन, आर्थिक लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। थाना प्रभारी की मौत के बाद यह मामला केवल अवैध शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरजिला और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की पड़ताल का बड़ा मामला बन गया है।
इधर आरोपी राहुल जायसवाल ने स्वीकार किया है कि मैं कांग्रेस पार्टी का खातेगांव विधानसभा का प्रभारी हूं। इसे लेकर भाजपा नेताओं के बयान आए हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रायसिंह सैंधव ने तीखा हमला बोला है। इससे पहले चंदाना-बिंजाना क्षेत्र में अवैध रूप शराब सप्लाय के बीच नकली शराब सप्लाय का मामला भी सामने आया था। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि उन्होंने केमिकल प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे की इंदौर स्थित दुकान से खरीदा था। मामले देवास कोतवाली पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है।



