पितृ पक्ष के अवसर पर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए तर्पण, पिंडदान व पितृ यज्ञ किया

देवास। गायत्री प्रज्ञापीठ विजयनगर एवं गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर पर तर्पण, पिंडदान एवं पितृ यज्ञ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने भाग लिया। दोनों स्थानों पर समस्त सामग्री निःशुल्क वितरित कर सभी कर्मकांड निःशुल्क किए गये।
गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि भारतीय संस्कृति में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह वह पावन अवसर है, जब लोग अपने पूर्वजों का स्मरण कर उनके प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। इसी कड़ी में सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर उनकी आत्मा की शांति व सद्गति के निमित्त तर्पण, पिंडदान व पितृ यज्ञ किया जाता हैं। इसी निमित्त गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर परम पूज्य गुरु सत्ता की सूक्ष्म उपस्थिति एवं संरक्षिका दुर्गा दीदी के सानिध्य में तर्पण, पिंड़दान एवं पितृ यज्ञ किया गया जिसमें 106 भाईयों एवं 31 बहनों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में कन्हैयालाल मोहरी, कैलाशसिंह ठाकुर, विजेन्द्रसिंह बैस, दिलीप सोनी, अर्पण सोलंकी, कांतिलाल पटेल, ब्रजमोहन विजयवर्गीय, लक्षित दुबे, रामसिंह कुमावत, गुलाबराव बरसाकर, राजेन्द्र मुकाती, रमेश शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा, मुकेश जोशी, सावंत शर्मा, रामसिंह नागर, मनोज बैरागी, राकेश खींची, प्रकाश दुबे, जानकी पटेल, ज्ञानदेव बोडखे, उषा जोशी, सुरेश चौहान, रेखा पंवार, अतुल दीक्षित, केशव शर्मा, सृजन शर्मा, अन्नू पटेल, अरुणेंद्र सोनी, मनोहर नागर, रेखा कुशवाह, चंचल यादव, मंजुला सोनी, सीमा चौहान, अमितसिंह, कैलाश विश्वकर्मा, गोविंद पाटीदार, रमेश पालीवाल आदि उपस्थित थे। कर्मकांड का संचालन गायत्री शक्तिपीठ पर रामनिवास कुशवाह एवं गायत्री प्रज्ञापीठ पर महेश आचार्य द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शामिल सभी श्रद्धालुओं का आभार गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी महेश पंड्या एवं गायत्री प्रज्ञापीठ के मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी राजेंद्र पोरवाल ने माना।

शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ एवं गायत्री प्रज्ञापीठ पर 11 अक्टूबर को प्रातः 5 बजे से घट स्थापना कर नवरात्रि अनुष्ठान की शुरुआत की जाएगी। प्रतिदिन जप के पश्चात यज्ञ देवता को आहुतियां समर्पित की जाएगी।




