बाल विवाह रोकने और साइबर अपराधों से बचाव के लिए छात्राओं को किया जागरूक
विशेष अभियान 6.0 के तहत मनमय मेमोरियल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

देवास। कलेक्टर नेहा मीना एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी साबिर अहमद सिद्दीकी के मार्गदर्शन तथा वन स्टॉप सेंटर प्रशासक समीक्षा जैन के नेतृत्व में विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत मनमय मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर शिल्पा गेहलोत द्वारा कार्यालय वन स्टॉप सखी सेंटर की कार्यप्रणाली, महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता सेवाओं तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बाल संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। छात्राओं को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के प्रति जागरूक रहने तथा इसकी रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
साथ ही, महिलाओं एवं बालिकाओं को हिंसा, उत्पीड़न अथवा किसी अन्य कठिन परिस्थिति का सामना करने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं का लाभ लेने एवं संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करने की समझाइश दी। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता के माध्यम से अपना भविष्य सशक्त बनाने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान पायल नागर द्वारा छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने छात्राओं को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, अपनी ओटीपी एवं बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही, साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने छात्राओं को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बालक एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, बाल संरक्षण, बाल विवाह निषेध, साइबर जागरूकता एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया गया। इस प्रकार कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें सुरक्षित, सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।




