गायत्री परिवार के 205वें नशामुक्ति सेमिनार में बंदियों ने लिया नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प
गांधी जयंती पर जिला जेल में गूंजा नशामुक्ति का संदेश

देवास। गांधी जयंती के अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा जिला जेल देवास में नशामुक्ति सेमिनार आयोजित किया गया।
सेमिनार में बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया गया। गायत्री परिवार ने कहा कि जीवन में लिया गया एक छोटा-सा संकल्प भी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशन में देशभर में नशामुक्ति आंदोलन के माध्यम से आमजन को नशे के विरुद्ध जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गांधी जयंती पर जिला जेल देवास में गायत्री परिवार की टीम ने बंदियों के बीच नशामुक्ति को लेकर जनजागरण किया।
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह चौधरी ने बताया कि जिला जेल में आयोजित सेमिनार को युवा प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक प्रमोद निहाले, लेखा राठौड़ एवं जिला जेल अधीक्षक विद्याभूषण प्रसाद ने संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत युवा प्रकोष्ठ के लक्ष्मण पटेल द्वारा प्रस्तुत प्रभावी नशामुक्ति गीत “नशा ना करना, मान लो कहना प्यारे भाई-बहना, होगी बड़ी खराबी…” और नशामुक्ति के नारों के साथ हुई। गीत और नारों ने उपस्थित बंदियों को प्रभावित किया।
युवा प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक प्रमोद निहाले ने कहा कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती से 8 अक्टूबर तक देशभर में गायत्री परिवार द्वारा मद्य निषेध सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान लोगों को नशे के विरुद्ध जागरूक करने के साथ नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती चिंतन और संकल्प लेने का दिन है। प्रत्येक बंदी भाई एक छोटा-सा संकल्प लें कि आज से नशामुक्त जीवन जीते हुए स्वयं और अपने परिवार को भी नशामुक्त रखेंगे। आपका यह छोटा-सा संकल्प जीवन बदल सकता है और यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में गायत्री परिवार की लेखा राठौड़ ने गायत्री मंत्र को जीवन में उतारने की बात कही। उन्होंने कहा कि नशे को दूर भगाना है तो गायत्री को अपनाना होगा। जो व्यक्ति नियमित रूप से गायत्री साधना करता है, वह दुर्व्यसनों से स्वतः ही दूर होने की दिशा में आगे बढ़ता है।
सेमिनार के दौरान युवा प्रकोष्ठ की प्रज्ञा जैन ने बंदी भाई-बहनों को युगऋषि के 18 सूत्रों को जीवन में धारण करने के लिए पाठ कराया और उन्हें संकल्पित किया।
नशामुक्ति सेमिनार का सफल संचालन सुभाष जैन ने किया। कार्यक्रम के अंत में जिला जेल अधीक्षक विद्याभूषण प्रसाद ने गायत्री परिवार के परिजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार देशभर में नशामुक्ति आंदोलन के माध्यम से लाखों लोगों को नशे से दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।




