खेत-खलियान

उर्वरक के अवैध विक्रय, भंडारण और कालाबाजारी की सूचना देने पर मिलेगा इनाम

Share

जबलपुर। प्रदेश में कृषि व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों को असली व गुणवत्तापूर्ण खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा प्रदेश में “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” लागू की गई है। इस योजना के तहत उर्वरक के अवैध विक्रय, भंडारण, कालाबाजारी और नकली या मिलावटी खाद बनाने वालों की सही जानकारी देने वाले सजग नागरिक को सरकार द्वारा 1000 रूपये की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

उप संचालक कृषि, जबलपुर उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, नकली व मिलावटी उर्वरकों के निर्माण को रोकना और नियम विरुद्ध काम करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है। इस योजना का लाभ प्रदेश का कोई भी नागरिक, किसान या व्यापारी उठा सकता है।

इन अवैध गतिविधियों की सूचना देने पर मिलेगा इनाम-
उप संचालक कृषि ने बताया कि सूचना दाता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत बिना लाइसेंस के अवैध उर्वरक का विक्रय या निर्माण करने, निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में खाद का अवैध भंडारण, तय कीमतों से अधिक ऊंचे दामों पर खाद का विक्रय (कालाबाजारी) करने, नकली अथवा अमानक या मिलावटी उर्वरकों का निर्माण एवं उनकी बिक्री, सरकारी अनुदान वाले उर्वरकों (जैसे यूरिया आदि) का फैक्ट्रियों या औद्योगिक संस्थानों में अवैध उपयोग तथा अनाधिकृत रूप से उर्वरकों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर अवैध परिवहन करने जैसी गतिविधियों की सूचना देने पर सूचना दाता को इनाम दिया जायेगा।

पहचान रहेगी गोपनीय- उप संचालक कृषि ने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति (सूचना दाता) की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा और बिना उसकी अनुमति के किसी भी स्तर पर पहचान उजागर नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल करके इसकी गोपनीय सूचना दे सकता है।

हेल्पलाइन पर प्राप्त जानकारी को सीधे संबंधित जिले के कलेक्टर के पास स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे तत्काल जांच दल गठित कर त्वरित कार्रवाई की जा सके। सूचना देते समय अवैध गतिविधि का स्थान, समय और संबंधित व्यक्ति या संस्था का नाम बताना होगा। यदि संभव हो, तो साक्ष्य के रूप में फोटो, वीडियो या दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

उप संचालक कृषि के अनुसार सूचना प्राप्त होने पर प्रशासन द्वारा गठित विशेष टीम जिसमें उर्वरक निरीक्षक शामिल होंगे द्वारा जांच किए जाने पर यदि सूचना सही पाई जाती है और अवैध सामग्री की जब्ती या दोष सिद्धि होती है, तो कार्रवाई के बाद प्रोत्साहन राशि सीधे सूचनादाता के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

यह योजना 20 मई से 30 सितंबर तक पूरे मध्य प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू रहेगी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने सभी नागरिकों और किसान भाइयों से अपील की है कि वे कृषि क्षेत्र में सुधार और कालाबाजारी को रोकने के लिए इस योजना में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं।

Back to top button