धर्म-अध्यात्म

कावड़ यात्रा हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और एकता की प्रतीक- धर्मेंद्रसिंह राजपूत

बोल बम कावड़ यात्रा का हुआ आगमन, पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

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देवास। धाराजी से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर, उज्जैन के लिए निकली बोल बम कावड़ यात्रा का शुक्रवार को क्षेत्र में गरिमामय स्वागत किया गया। जयकारों की गूंज और शिव भक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालुओं के साथ यह यात्रा ग्राम पत्थर गुराड़िया मार्ग पर पहुंची।

भक्तों द्वारा हर हर महादेव और बोल बम के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कावड़ यात्रियों पर जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई तथा फलाहार वितरित कर उनकी सेवा की गई।

इस दौरान स्व. भारतसिंह राजपूत की स्मृति में मध्यप्रदेश सरकार से सम्मानित महिला कृषक मानकुंवरबाई राजपूत एवं उनके पुत्र, जन अभियान परिषद की नवांकुर समिति तपस्या के अध्यक्ष धर्मेंद्रसिंह राजपूत द्वारा पुष्पवर्षा कर कावड़ यात्रियों का स्वागत किया गया। राजगीरे के लड्डुओं का वितरण भी यात्रियों को किया गया।

इस अवसर पर यात्रा में शामिल गिरधर गुप्ता, दीपक पंडित सहित अन्य शिवभक्तों को तिलक कर पुष्पमाला पहनाई गई। सभी श्रद्धालु शिव नाम के जाप में मग्न दिखे।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए धर्मेंद्रसिंह राजपूत ने कहा बोल बम कावड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और एकता का प्रतीक है। हम सभी का कर्तव्य है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों में तन-मन-धन से सहभागिता कर पुण्य अर्जित करें। हम भगवान महाकाल से प्रार्थना करते हैं कि वे सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

इस अवसर पर दशमतसिंह नेताजी, नारायणसिंह गुर्जर, पत्रकार सुरेशसिंह कछावा, जीवनसिंह चंदेल उपस्थित रहे।

 

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