लापरवाही पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह सख्त, तीन जनपद सीईओ सहित कई अधिकारियों को वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकाज नोटिस
जनविश्वास अभियान में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लें अधिकारी, वरना होगी कड़ी कार्रवाई: कलेक्टर श्री सिंह

कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक आयोजित
देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति एवं अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
कलेक्टर श्री सिंह ने “मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान” शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
शिकायतों का निराकरण करने एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर कलेक्टर श्री सिंह ने सीईओ जनपद सोनकच्छ, सीईओ जनपद टोंकखुर्द और सीईओ जनपद खातेगांव, विद्युत विभाग के सोनकच्छ डीई, कृषि विभाग के एसएडीओ टोंकखुर्द, सीडीपीओ टोंकखुर्द, कृषि विभाग के एसएडीओ सोनकच्छ को वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे जनविश्वास अभियान के तहत प्राप्त शिकायतों को पूरी गंभीरता से लें। सभी लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, अन्यथा कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पशु एवं स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस व्यवस्था की मॉनिटरिंग के निर्देश-
पशु चिकित्सा एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचने संबंधी शिकायत पर कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रकार की शिकायतें दोबारा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने जिले में संचालित पशु एंबुलेंस की जानकारी एवं उनके संचालन की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने डिप्टी कलेक्टर संजीव सक्सेना को जिले में संचालित पशु एंबुलेंस की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस कहां-कहां संचालित हो रही हैं तथा निर्धारित समय पर क्यों नहीं पहुंच रही हैं, इसकी नियमित निगरानी की जाए।
108 एंबुलेंस का रनिंग स्टेटस प्रस्तुत करने के दिए निर्देश-
एंबुलेंस सेवा संबंधी शिकायतों पर कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में संचालित सभी 108 एंबुलेंस का रनिंग स्टेटस प्रस्तुत करने के सीएमएचओ को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि एंबुलेंस व्यवस्था की प्रभावी एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि “मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान” का मुख्य उद्देश्य शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना तथा आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ को मजबूत करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनविश्वास अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को क्षेत्र का भ्रमण कर विस्तृत प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। प्रतिवेदन में भ्रमण की जानकारी के साथ समस्याओं एवं मौके पर किए गए निराकरण का उल्लेख किया जाए। साथ ही, शासकीय सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी प्रतिवेदन में शामिल की जाए।
निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश-
कलेक्टर श्री सिंह ने नगरीय निकायों में संचालित वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की समीक्षा कर निर्देश दिए कि जल प्रदाय परियोजनाओं का कार्य निरंतर जारी रखा जाए और किसी भी स्थिति में कार्य बीच में बंद नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य की प्रगति पर विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यक समन्वय के साथ कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। खातेगांव वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट में लापरवाही पर एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एमपीयूडीसी को दो वेतन वृद्धि रोकने संबंधी नोटिस जारी करने एवं विभागीय जांच संबंधी कार्रवाई के लिए पत्र लिखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट में जहां पर कार्य की गति बहुत धीमी है या कार्य बंद है उन संबंधित एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई करें। कलेक्टर श्री सिंह ने पीओ डूडा को निर्देशित किया कि नगरीय निकायों में संचालित विकास एवं वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट सहित अन्य कार्यों की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की प्रगति की समीक्षा कर समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के नगरीय निकायों में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिन स्थानों पर विकास कार्यों की गति धीमी है, वहां संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, उनमें संबंधितों पर पेनल्टी लगाई जाए। कलेक्टर श्री सिंह निर्देश दिए कि नगरीय निकायों में चल रहे सभी प्रगतिरत कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण होने चाहिए। कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए तथा निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर संजीव जैन, संयुक्त कलेक्टर विशाखा देशमुख सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।



