थाना प्रभारी दिलीप पुरी हत्याकांड: आरोपी मोहिन जायसवाल की मौत

खातेगांव (रवि वर्मा)। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ड्यूटी के दौरान वाहन से कुचलकर की गई हत्या के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच के दायरे में रहे अवैध शराब सिंडिकेट के कथित मुख्य हिस्सेदार आरोपी मोहिन जायसवाल की अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मोहिन जायसवाल निवासी अहमदाबाद, गुजरात में पुलिस टीमों की निगरानी में था। देवास पुलिस और एसआईटी की टीमें मामले की जांच के सिलसिले में गुजरात में सक्रिय थीं। इसी दौरान दो-तीन दिन पहले उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान उसे ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में उसका गहन उपचार किया जा रहा था। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के मामले में अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क की भूमिका जांच के दायरे में रही है।
आरोपी की मौत के बाद स्थानीय पुलिस द्वारा अस्पताल से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम सहित अन्य वैधानिक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इन दस्तावेजों को मामले की केस डायरी में शामिल किया जाएगा, ताकि आरोपी की मौत से संबंधित सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो सकें।
पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों और फरार आरोपियों के खिलाफ धरपकड़ तथा कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



