आज शाम होगी मां लक्ष्मी की पूजा, पूजन से पहले जुटा लें ये जरूरी सामग्री, जानिए पूजा की विधि

देवास। दीपावली का पर्व आज पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही घरों में त्योहार की रौनक नजर आ रही है। शाम को मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश का पूजन किया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि विधि-विधान और श्रद्धा के साथ पूजन करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। ऐसे में शाम को पूजा करने से पहले पूजन स्थल की सजावट और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर लेना जरूरी है। यदि आपने अभी तक पूजा की पूरी तैयारी नहीं की है तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर आसानी से तैयारी कर सकते हैं।
पूजा के लिए यह सामग्री रखें तैयार-
लक्ष्मी पूजन से पहले सभी आवश्यक सामग्री एक जगह एकत्रित कर लें, ताकि पूजा के दौरान किसी चीज की कमी न रहे। इसके लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र, लकड़ी की चौकी, लाल या पीला कपड़ा, रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन, अक्षत, फूल, माला, पान, सुपारी, नारियल, कलश, जल, गंगाजल, आम के पत्ते, मौली, धूप, अगरबत्ती, कपूर, घी, रुई की बत्ती, दीपक, पंचामृत, फल, मिठाई, खील-बताशे, मखाने और पूजा की थाली की व्यवस्था कर लें। इसके अलावा आरती की पुस्तक, सिक्के और परिवार की परंपरा के अनुसार बही-खाते भी पूजा में शामिल किए जा सकते हैं।
शाम की पूजा से पहले ऐसे सजाएं घर और पूजा स्थल-
शाम को पूजन से पहले घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल की साफ-सफाई कर लें। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और फूलों से सजावट करें। पूजा के लिए लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। इस पर मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाएं स्थापित करें। प्रतिमाओं के सामने पूजा की थाली, कलश, फूल, फल और मिठाई व्यवस्थित रखें। पूजा स्थल के आसपास दीपक और रोशनी की आकर्षक व्यवस्था करें। घर के प्रवेश द्वार पर भी दीपक जलाएं।
जानिए लक्ष्मी पूजन की सामान्य विधि-
दीपावली की शाम परिवार के सभी सदस्य स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा स्थल पर एकत्रित हों। सबसे पहले भगवान श्रीगणेश का स्मरण कर उनका पूजन करें। इसके बाद कलश स्थापना कर मां लक्ष्मी का आह्वान करें। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को रोली, अक्षत, फूल और माला अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर फल, मिठाई, खील-बताशे और अन्य नैवेद्य अर्पित करें।

धार्मिक परंपरा के अनुसार मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें और लक्ष्मी पूजन की कथा या स्तुति का पाठ करें। अंत में परिवार के सभी सदस्य मिलकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें तथा प्रसाद वितरित करें।
पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान-
🔸पूजा की सभी सामग्री पहले से एकत्रित कर लें।
🔸परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में पूजन करें।
🔸पूजा स्थल को साफ और व्यवस्थित रखें। 🔸दीपक जलाते समय आसपास ज्वलनशील वस्तुएं न रखें।
🔸बच्चों को पटाखों और जलते दीपकों से दूर रखें।
🔸बिजली की झालरों और सजावटी लाइटों के कनेक्शन सुरक्षित रखें।
दीपावली केवल दीप जलाने और पूजा करने का पर्व नहीं, बल्कि घर-परिवार में खुशियां, प्रेम और सद्भाव बांटने का अवसर भी है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना के साथ सभी परिवारजन सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें।





