पार्सल डिलीवरी के नाम पर नया साइबर स्कैम!

– फोन पर आया कोड डायल किया तो कहीं आपकी कॉल किसी और के पास न पहुंच जाए
देवास। “आपका पार्सल आया है, लेकिन डिलीवरी बॉय को आपका घर नहीं मिल रहा है। मैं उसका नंबर भेज रहा हूं, आप उससे बात कर लीजिए…” अगर आपके मोबाइल पर इस तरह का फोन आए और उसके बाद कोई व्यक्ति आपको कोई USSD/MMI कोड भेजकर उसे मोबाइल से डायल करने के लिए कहे, तो सावधान हो जाइए। एक छोटी सी गलती आपके मोबाइल की Call Forwarding सेटिंग बदल सकती है।
साइबर ठगी करने वाले अब लोगों को सीधे बैंक खाते की जानकारी या OTP पूछने के बजाय ऐसी तकनीक का सहारा ले रहे हैं, जिसमें व्यक्ति से ही एक विशेष कोड डायल करवाया जाता है। इसके लिए पहले सामान्य बातचीत के जरिए विश्वास में लिया जाता है और फिर मोबाइल पर भेजे गए कोड को कॉपी कर डायल करने के लिए कहा जाता है।
पहले पार्सल का बहाना, फिर भेजते हैं नंबर और कोड
ठगी का तरीका काफी सामान्य दिखाई देता है। फोन करने वाला खुद को कूरियर या डिलीवरी कंपनी से जुड़ा व्यक्ति बताता है।
वह कहता है—
“आपका पार्सल आया है, लेकिन डिलीवरी बॉय को आपका पता नहीं मिल रहा है।”
इसके बाद वह कह सकता है—
“मैं आपको डिलीवरी बॉय का मोबाइल नंबर भेज रहा हूं, आप उससे बात कर लीजिए।”
कुछ मामलों में इसके बाद मोबाइल पर एक नंबर या ऐसा कोड भेजा जाता है, जिसे देखकर सामान्य व्यक्ति समझ नहीं पाता कि यह कोई विशेष टेलीकॉम कमांड है। ठग कहता है कि इसे डायल कर दीजिए या डिलीवरी बॉय से संपर्क करने के लिए इस पर कॉल कर लीजिए।
यहीं सबसे बड़ी गलती हो सकती है।
*21…# जैसे कोड क्यों खतरनाक हो सकते हैं?
मोबाइल नेटवर्क में *21 जैसे कोड Call Forwarding/Call Divert जैसी सुविधाओं से जुड़े हो सकते हैं। इनका इस्तेमाल किसी नंबर पर आने वाली कॉल को दूसरे नंबर पर भेजने के लिए किया जा सकता है।
यानी अगर कोई व्यक्ति बिना समझे ऐसा कोड डायल कर देता है और नेटवर्क उस कमांड को स्वीकार कर लेता है, तो परिस्थितियों के अनुसार उसके नंबर पर आने वाली कॉल किसी दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड हो सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ठगी के लिए व्यक्ति से खुद कोड डायल करवाया जाता है। उसे लगता है कि वह डिलीवरी बॉय से संपर्क कर रहा है, जबकि वह अनजाने में अपने मोबाइल की कोई नेटवर्क सुविधा बदल सकता है।
Jio ने भी ग्राहकों को Call Forwarding Scam से सावधान किया है और बताया है कि इसका दुरुपयोग महत्वपूर्ण कॉल या वॉइस OTP तक पहुंच बनाने के लिए किया जा सकता है।
क्या इससे बैंक खाता तुरंत खाली हो जाएगा?
यहां एक जरूरी बात समझना भी आवश्यक है। सिर्फ Call Forwarding सक्रिय हो जाने का मतलब यह नहीं है कि बैंक खाता तुरंत खाली हो जाएगा।
लेकिन अगर किसी व्यक्ति के नंबर पर आने वाली कॉल किसी दूसरे नंबर पर पहुंचने लगे, तो यह गंभीर सुरक्षा समस्या बन सकती है। कुछ ऑनलाइन सेवाओं में पहचान या रिकवरी के लिए वॉइस कॉल/OTP का इस्तेमाल होता है। ऐसी स्थिति का फायदा उठाकर ठग आगे की धोखाधड़ी की कोशिश कर सकते हैं।
इसलिए ऐसे किसी कोड को बिना समझे डायल करना बिल्कुल उचित नहीं है।
SMS और OTP को लेकर भी रहें सावधान
Call Forwarding और SMS Forwarding एक ही चीज नहीं हैं। Call Forwarding मुख्य रूप से आने वाली फोन कॉल को दूसरे नंबर पर भेजने से संबंधित होती है।
इसलिए यह मान लेना भी गलत होगा कि कोई व्यक्ति केवल ऐसा कोड डायल करते ही आपके सभी SMS या बैंक OTP पढ़ सकता है। लेकिन अगर ठगी करने वाला किसी दूसरे तरीके से आपकी SIM, बैंकिंग या ऑनलाइन अकाउंट तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा हो, तो Call Forwarding जैसी सुविधा उसके लिए अतिरिक्त मददगार हो सकती है।
अगर गलती से कोड डायल कर दिया तो क्या करें?
घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले यह जांचें कि आपके नंबर पर Call Forwarding सक्रिय तो नहीं हुई।
मोबाइल नेटवर्क के अनुसार उपलब्ध Call Forwarding Status विकल्प या संबंधित ऑपरेटर की आधिकारिक सेवा से इसकी जांच करें।
यदि forwarding सक्रिय दिखाई दे, तो उसे तुरंत बंद करें।
इसके बाद—
1. अपने मोबाइल ऑपरेटर की आधिकारिक कस्टमर केयर से स्थिति की पुष्टि करें।
2. बैंक से जुड़े नंबर पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो बैंक को तुरंत सूचना दें।
3. WhatsApp, ई-मेल और अन्य महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग जांचें।
4. संदिग्ध फोन नंबर, SMS और WhatsApp संदेश का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
5. किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर की जा सकती है।
भारत सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal पर साइबर अपराध और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध है। पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबर, WhatsApp नंबर आदि की जानकारी रिपोर्ट करने का विकल्प भी दिया गया है।
अगर वित्तीय धोखाधड़ी हो चुकी है, तो 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर तत्काल संपर्क करना चाहिए।
सबसे बड़ा बचाव—कोई भी कोड देखकर तुरंत Dial न करें
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साइबर ठगों की सबसे बड़ी ताकत लोगों की जल्दबाजी और भरोसे का फायदा उठाना है।
इसलिए यदि कोई व्यक्ति फोन करके कहे—
“आपका पार्सल आया है।”
“डिलीवरी बॉय को आपका पता नहीं मिल रहा है।”
“यह नंबर डायल करिए।”
“यह कोड कॉपी करके Dial कर दीजिए।”
तो तुरंत रुक जाइए।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर * और # वाले किसी भी USSD/MMI कोड को डायल न करें।
डिलीवरी की वास्तविक जानकारी चाहिए तो संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ऑर्डर की स्थिति जांचें। कॉल करने वाले व्यक्ति द्वारा भेजे गए नंबर पर भरोसा करने के बजाय कंपनी के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर का इस्तेमाल करें।
याद रखें—कुछ सेकंड की सावधानी, बड़ी परेशानी से बचा सकती है
आज साइबर ठगी केवल OTP पूछकर ही नहीं हो रही है। ठग अब लोगों से ऐसे काम भी करवाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनका तकनीकी मतलब उन्हें पता ही नहीं होता।
इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई कोड डायल न करें।
पहले समझें, फिर कार्रवाई करें।
अगर गलती से ऐसा कोड डायल हो भी जाए तो घबराने के बजाय तुरंत Call Forwarding Status जांचें और जरूरत पड़ने पर अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करें।
सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।
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