127 दिन, 17 राज्य और 58 हजार किमी की दौड़… देवास पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का नेटवर्क किया ध्वस्त
फर्जी सीबीआई और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर डराया, कोर्ट की फर्जी कार्रवाई भी दिखाई

63.52 लाख की साइबर ठगी के मामले में 12 आरोपी गिरफ्तार, 54.84 लाख रुपए जब्त; 70 पुलिसकर्मियों की 19 टीमों ने 33 जिलों में दी दबिश
देवास। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 63.52 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ठगी की रकम के बैंकिंग ट्रांजेक्शन की कड़ियों का पीछा करते हुए पुलिस की 19 टीमों ने देश के 17 राज्यों के 33 जिलों में दबिश दी। 127 दिनों तक चले इस ऑपरेशन में 70 पुलिसकर्मियों ने करीब 58,315 किलोमीटर की दूरी तय कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 54 लाख 84 हजार 725 रुपए की ठगी गई राशि जब्त की गई।
फर्जी अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, वीडियो कॉल पर दिखाया कथित कोर्ट-
मामला थाना कोतवाली क्षेत्र के एक निवासी से जुड़ा है। फरियादी को अज्ञात आरोपियों ने फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को दूरसंचार विभाग, मुंबई क्राइम ब्रांच और सीबीआई का अधिकारी बताया। आरोपियों ने फरियादी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और गिरफ्तारी का भय दिखाया।
इसके बाद फर्जी जांच प्रक्रिया शुरू की गई। वीडियो कॉल के माध्यम से कथित न्यायालय का दृश्य दिखाकर फरियादी और उसके परिवार से बैंकिंग एवं निवेश संबंधी जानकारी हासिल की गई। जांच के नाम पर फरियादी से बैंक खातों में रुपए जमा करवाए गए और बाद में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। इस तरह कुल 63.52 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता और डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
एक खाते से दूसरे खाते तक पहुंची पुलिस, 17 राज्यों में बिछाया कार्रवाई का जाल
पुलिस ने ठगी की रकम के बैंकिंग ट्रांजेक्शन, खाताधारकों, मोबाइल नंबरों, बैंक स्टेटमेंट, बैंक सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण शुरू किया। जांच में सामने आई बैंकिंग कड़ियों के आधार पर पुलिस टीम एक के बाद एक आरोपियों तक पहुंचती गई।
प्रत्येक लेयर के बैंक खाते की जांच करते हुए पुलिस ने ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन का पीछा किया। इसी दौरान इस साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पुलिस टीमों ने राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश और दिल्ली सहित कुल 17 राज्यों के 33 जिलों में आरोपियों की तलाश की। अलग-अलग राज्यों में बैंक शाखाओं, संभावित ठिकानों और अन्य स्थानों पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश दी गई।
12 आरोपी गिरफ्तार, लाखों रुपए बरामद
अंतरराज्यीय कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें राजस्थान, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों के आरोपी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से अलग-अलग कार्रवाई में बड़ी मात्रा में राशि बरामद की गई।
127 दिन चला ऑपरेशन, 58,315 किमी का सफर
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात इसकी लंबी अंतरराज्यीय कार्रवाई रही। देवास पुलिस की 19 टीमों ने लगातार 127 दिनों तक आरोपियों की तलाश, बैंक खातों की जांच, बैंक शाखाओं में पड़ताल, संभावित ठिकानों पर दबिश और तकनीकी साक्ष्य जुटाने का काम किया।

इस दौरान पुलिस टीमों ने करीब 58,315 किलोमीटर की दूरी तय की। पुलिस के अनुसार बैंकिंग ट्रांजेक्शन की प्रत्येक कड़ी को जोड़ते हुए टीमें अलग-अलग राज्यों तक पहुंचीं और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी के नाम-
1. भूराराम पिता बंसीलाल राव उम्र 26 साल निवासी ग्राम अरटिया थाना रोहट जिला पाली राजस्थान को 20 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। तथा इसके कब्जे से 60 हजार रुपए जब्त किए गए।
2. भालाराम पिता मंसाराम मेघवाल उम्र 27 साल निवासी रामसीसर भेडवालिया थाना सरदार शहर जिला चुरु राजस्थान को 26 अप्रैल को गिरफ्तार कर 1,60,000 रुपए जब्त किए गए।
3. नाजिम पिता मोहम्मद याकीन खान 29 साल निवासी विशाल मार्केट मुक्तिधाम के पास न्यू धान मंडी गुमानपुरा कोटा राजस्थान को 30 अप्रैल को गिरफ्तार कर 4 लाख रुपए जब्त किए गए।
4. थोटकुरा हर्षवर्धन साई नरसिंह वर्मा पिता थोटकुरा श्रीनिवास राजू उम्र 27 साल निवासी गुड्डीमूला नियर शिवालयम, सकिनेटपल्ले मंडल पुलिस थाना सकिनेटपल्ले जिला ईस्ट गोदावरी आंध्र प्रदेश को 8 मई को गिरफ्तार कर 1,00,000 जब्त किए गए।
5. वैभव पिता महेश शुक्ला उम्र 23 साल निवासी वर्ल्ड बैंक कॉलोनी बर्रा कानपुर शहर उत्तरप्रदेश को 11 मई को गिरफ्तार किया।
6. मुकराला मेघा अविनाश पिता मुकराला प्रसाद उम्र 27 साल निवासी राजुला कॉलोनी, नियर श्री रामचंद्रा कॉलेज, जांगरेड्डीगुडम थाना जांगरेड्डीगुडम जिला एलुरु आंध्र प्रदेश को 8 मई को गिरफ्तार कर 1,00,000 रुपए जब्त किए गए।
7. आयुष पिता विजय शंकर गुप्ता 23 साल निवासी वर्ल्ड बैंक कॉलोनी बर्रा कानपुर शहर उत्तर प्रदेश को 10 मई को गिरफ्तार कर 1,00,000 रुपए जब्त किए गए।
8. केयूर कुमार पिता पंकज कुमार चौहान 20 साल निवासी केवल नगर रणौली थाना जवाहर नगर जिला बड़ोदरा गुजरात को 20 मई को गिरफ्तार कर 20,000 रुपए जब्त किए गए।
9. कमल कांति पाल निवासी जलपाई थाना नंदीग्राम जिला पूर्व मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल हाउस आफ विधानजना थाना चण्डीपुर जिला पूर्व मेटिलीपुर पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार कर 320,000 रुपए जब्त किए गए।
10. मोहम्मद अब्दुल्ला पिता मोहम्मद इस्लाम अली उम्र 30 साल निवासी हजरत निजामुद्दीन दक्षिण दिल्ली को 1 जुलाई को गिरफ्तार कर इसके कब्जे से 21 लाख रुपए विधिवत जब्त किए गए।
11. अनिल कुमार पिता हनुमान थप्पा 43 साल निवासी ग्राम लोकीकेरे थाना हायडी जिला दावणगेरे कर्नाटक को 29 जून को गिरफ्तार कर 600000 रुपए विधिवत जब्त कर चेक बुक, एटीएम तथा मोबाइल जब्त किया गया।
12. गिरीश पिता येलेंटी श्री निवासूलू 35 साल निवासी उप्पर, पल्लम, अन्नाकट्टा रोड नेल्लौर आंध्र प्रदेश को 19 जुलाई को गिरफ्तार कर 11,20,000 रुपए विधिवत जब्त किए गए।
कार्रवाई के प्रमुख आंकड़े-
– 63.52 लाख रुपए की कुल साइबर ठगी
– 12 आरोपी गिरफ्तार
– 54,84,725 रुपए जब्त
– 17 राज्यों में कार्रवाई
– 33 जिलों में दबिश
– 19 पुलिस टीमों ने कार्रवाई की
– 70 पुलिसकर्मी अभियान में शामिल
– 127 दिन तक चला अंतरराज्यीय ऑपरेशन
– करीब 58,315 किलोमीटर की दूरी तय की
पुलिस की नागरिकों से अपील-
देवास पुलिस ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा है कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी, नारकोटिक्स अथवा किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल पर संपर्क करता है और गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग या किसी अपराध में फंसाने का भय दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहता है तो घबराएं नहीं।
किसी भी खाते में राशि ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें अथवा निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें।




