तेज बारिश से सोयाबीन की बुवाई प्रभावित, महंगा बीज बना किसानों की बड़ी चिंता

बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती बारिश के बाद जिन किसानों ने सोयाबीन की बुवाई कर दी थी, उनके खेतों में पानी भरने और मिट्टी की परत जमने से बीज के अंकुरित होने पर संकट खड़ा हो गया है।
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इस साल सोयाबीन का बीज काफी महंगा मिला है। ऐसे में यदि दोबारा बुवाई करनी पड़ी तो किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
क्षेत्र में 15 जून के बाद मानसून की पहली अच्छी बारिश होते ही किसानों ने सोयाबीन की बुवाई शुरू कर दी थी। लेकिन शुक्रवार को करीब दो घंटे में 50 मिमी से अधिक बारिश होने से कई खेतों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण मिट्टी की परत जम गई, जिससे बीज के अंकुरण पर असर पड़ने की आशंका है।
किसान मुकेश बाबा पाटीदार, दिनेश गुर्जर, प्रकाश पाटीदार, भगवान सिंह पिंडोरिया और रामप्रसाद पाटीदार ने बताया कि JS-2303 किस्म का बीज 8 से 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा है। कई किसानों ने सहकारी समिति से ऋण लेकर बीज खरीदा था। अब यदि दोबारा बुवाई करनी पड़ी तो फिर से महंगा बीज खरीदना अधिकांश किसानों के लिए मुश्किल होगा। इसी वजह से किसान असमंजस में हैं कि दोबारा बुवाई करें या कुछ दिन और इंतजार करें।
बिना अंकुरण जांच के भी हुई बुवाई
बीज की ऊंची कीमत के कारण कई किसानों ने घर में रखा पुराना बीज या अन्य किसानों से लिया गया सस्ता बीज भी बो दिया। कृषि विभाग ने बुवाई से पहले अंकुरण (जर्मिनेशन) जांच कराने की सलाह दी थी, लेकिन जल्दबाजी में कई किसानों ने जांच नहीं कराई। अब लगातार बारिश के कारण ऐसे बीज के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
कृषि विभाग की सलाह
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी काशीराम चौहान ने बताया कि जिन खेतों में 48 घंटे से अधिक समय तक पानी भरा रहेगा, वहां बीज खराब होने की संभावना अधिक है। किसानों को पहले अंकुरण की स्थिति देखनी चाहिए। यदि पर्याप्त अंकुरण नहीं होता है तो दोबारा बुवाई करें और प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें।




