धर्म-अध्यात्म

गायत्री प्रज्ञापीठ: कलश यात्रा के साथ 5 दिवसीय नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ’ एवं ‘सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा प्राण प्रतिष्ठा समारोह शुरू

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सिरोल्या (अमर चौधरी)। गायत्री प्रज्ञापीठ सिरोल्या में गायत्री जयंती के पावन अवसर पर ‘5 दिवसीय नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ’ एवं ‘सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा प्राण प्रतिष्ठा समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है।

21 जून को मंदिर से कलश यात्रा बैंड बाजे के साथ निकली एवं कार्यक्रम की शुरुआत की गई। गायत्री परिजनों ने उत्साह से कलशयात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा में मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलश यात्रा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं गायत्री महामंत्र के सामूहिक जप के साथ हुआ।

पीले एवं पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर गांव के प्रमुख मार्गों से यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा गायत्री महामंत्र का जप एवं धर्मध्वज के साथ आध्यात्मिक संदेशों का प्रसार किया गया। विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस प्रकार की कलश यात्राएं प्रायः गायत्री महायज्ञ एवं धार्मिक आयोजनों के शुभारंभ का प्रतीक मानी जाती हैं।

यात्रा के समापन पर गायत्री प्रज्ञापीठ परिसर में विशेष पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई। आयोजन समिति ने बताया कि 21 जून से 25 जून तक चलने वाले इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिदिन देवपूजन, यज्ञ, संस्कार एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया जाएगा। 25 जून को प्राण प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति एवं महाप्रसादी के साथ समारोह का समापन होगा। 22, 23 एवं 24 जून को देवपूजन एवं हवन प्रातः 8 बजे से 25 जून को प्राण प्रतिष्ठा सुबह 6 बजे से 9 बजे एवं हवन व पूर्णाहुति 9 बजे से 11 तक चलेगी। इसके बाद मंदिर परिसर में महाप्रसादी शुरू होगी।

व्यवस्थापक मंडल ने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म, संस्कृति एवं संस्कारों के इस महाअनुष्ठान को सफल बनाने का आग्रह किया है। गायत्री प्रज्ञापीठ के हरिराम जिराती, घनश्याम बंदावाले, डाॅ रूपसिंह नागर, मोहनलाल विश्वकर्मा, महेश पटेल, सोहनलाल पटेल, संतोष पटेल, नितू विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे।

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