खेत-खलियान

गोरस एप बनेगा पशुपालकों का डिजिटल साथी, वैज्ञानिक पोषण से बढ़ेगा दूध उत्पादन

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बेहरी-धावड़िया में पशुपालक संगोष्ठी, किसानों को डेयरी योजनाओं और आधुनिक पशुपालन की दी जानकारी

बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। बदलते दौर में पशुपालन को अधिक लाभकारी और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में पशुपालन विभाग ने नई पहल शुरू की है।

शनिवार को ग्राम बेहरी एवं धावड़िया में आयोजित पशुपालक संगोष्ठी में किसानों को ‘गोरस मोबाइल एप’ की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह एप पशुओं के पोषण, स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन को बेहतर बनाने में मदद करेगा, जिससे पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होगी।

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विकासखंड पशुपालन अधिकारी डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि ‘गोरस मोबाइल एप’ पशुपालकों को आधुनिक और वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने में सहायता करेगा। एप में पशु की नस्ल, वजन, दूध उत्पादन और गर्भावस्था संबंधी जानकारी दर्ज करने पर यह पशु के लिए उपयुक्त खुराक, दवा प्रबंधन और देखभाल संबंधी सुझाव देता है। इससे दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुपालन की लागत कम करने में भी मदद मिलेगी।

एक क्लिक में पशुपालन का समाधान: गोरस मोबाइल ऐप 

संगोष्ठी में किसानों को आत्मनिर्भर किसान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), डेयरी लोन योजना, कृत्रिम गर्भाधान एवं पशु स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने किसानों के सवालों के जवाब देते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

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कार्यक्रम में जुगल पाटीदार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामसिंह ओसारी, प्रहलाद गिर गोस्वामी, डॉ. संतोष चौधरी, मांगु पाटीदार, जगदीश जीराती, जगदीश बैरागी, पवन पाटीदार, श्रीराम पाटीदार, गब्बूलाल पाटीदार सहित दुग्ध समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे। संगोष्ठी में डॉ. भारती शर्मा, अनिल योगी, विवेक पटेल और मुन्ना रंदे ने भी सहभागिता की।

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