गुड़ी पड़वा पर भी खुली उज्जैन की कृषि मंडी

मंडी प्रशासन ने किसानों को बांटी मिठाई, गेहूं के उचित भाव से किसानों में भी उत्साह
उज्जैन। जहां एक ओर त्योहारों पर अधिकतर बाजार बंद रहते हैं, वहीं उज्जैन कृषि उपज मंडी ने किसान हित को प्राथमिकता देते हुए एक मिसाल पेश की। गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर मंडी न केवल खुली रही, बल्कि यहां पहुंचे किसान भाइयों का मिठाई खिलाकर स्वागत भी किया गया।
उज्जैन मंडी प्रांगण में इस बार गुड़ी पड़वा का पर्व खास अंदाज में मनाया गया। मंडी प्रशासन द्वारा किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए अवकाश के दिनों में भी मंडी को चालू रखने का फैसला लिया गया है। मंडी सचिव राजेश गोयल ने व्यापारी संघ के साथ समन्वय बनाकर यह व्यवस्था सुनिश्चित की, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा।
त्योहार के दिन भी मंडी खुली रहने से दूर-दराज से आए किसानों को बड़ी राहत मिली। इस दौरान मंडी में पहुंचे किसानों को मिठाई खिलाई गई। किसानों को इस पहल का सीधा लाभ बेहतर दाम के रूप में भी मिला। मंडी में गेहूं के भाव 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर तक पहुंचे, जो किसानों के लिए संतोषजनक रहे। इससे पहले बुधवार को लगभग 15 हजार बोरी गेहूं की आवक दर्ज की गई, जबकि पिछले तीन दिनों में कुल 75 हजार बोरी गेहूं मंडी में पहुंच चुका है।
किसानों ने की सराहना-
मंडी में उपज लेकर पहुंचे किसानों ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि पहले मंडी की अधिक छुट्टी के कारण कई बार हमें अपनी उपज लेकर इंतजार करना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों का नुकसान होता था। लेकिन अब मंडी खुली रहने से हमें सीधा फायदा मिल रहा है। एक अन्य किसान ने कहा, कि त्योहार के दिन भी मंडी खुली रहना और ऊपर से मिठाई देकर स्वागत करना, यह हमारे लिए सम्मान की बात है। इससे लगता है कि सरकार और प्रशासन वास्तव में किसान हित में काम कर रहे हैं।
किसानों को सुविधा के साथ उचित मूल्य दिलाना उद्देश्य-
मंडी सचिव राजेश गोयल ने कहा, कि हमारा पहला उद्देश्य किसानों को अधिकतम सुविधा और उचित मूल्य दिलाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापारी संघ के साथ चर्चा कर यह निर्णय लिया गया कि अवकाश के दिनों में भी मंडी संचालित की जाए।
उन्होंने कहा, कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। भविष्य में भी किसान हित से जुड़े ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे, ताकि उन्हें समय पर उचित मूल्य मिल सके।




