Dewas news जिले में अब तक नरवाई जलाने पर 10 किसानों पर एफआईआर दर्ज

देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के सख्त निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उद्देश्य से नरवाई जलाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उपसंचालक कृषि विभाग गोपेश पाठक ने बताया कि अभी तक जिले में नरवाई जलाने पर 10 किसानों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। जिसमें देवास तहसील के ग्राम लिम्बोदा, सुमराखेड़ा, बैरागढ़, लसुड़ियासोंडा, मेंढकीचक, लोहार पीपल्या, सतवास तहसील के ग्राम बाईजगवाड़ा, कन्नौद तहसील के ग्राम बारूट खेड़ा तथा टोंकखुर्द तहसील के ग्राम बिरगोद के किसान सम्मिलित हैं।
जिला प्रशासन द्वारा किसान भाइयों से लगातार अपील की जा रही है कि नरवाई ना जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है, वायु प्रदूषण बढ़ता है तथा पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। इसलिए किसान भाइयों से अनुरोध है कि नरवाई में आग न लगाएं। इसके बजाय वैकल्पिक विधियां अपनाएं जैसे स्ट्रॉ रिपर (Straw Reaper) का उपयोग कर भूसा बनाएं। रोटावेटर/ कल्टीवेटर के माध्यम से नरवाई को भूमि में बारीक करके अच्छी तरह मिलाएं। बायो डीकंपोजर का छिड़काव कर नरवाई को जल्दी सड़ाएं। इन वैकल्पिक विधियों के माध्यम से मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है, लाभदायक सूक्ष्म जीवाणु (माइक्रोब्स) बढ़ेंगे, फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है।




