धर्म-अध्यात्म

नियमित समयदान एवं अंशदान सच्चे गायत्री साधक की पहचान- गायत्री परिवार

Share

 

गंगा दशहरा पर्व पूर्ण उल्लास एवं कई संकल्प के साथ मनाया

देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में देशभर में गंगा दशहरा, गायत्री जयंती के महापर्व पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का महाप्रयाण दिवस बड़ी श्रद्धा एवं उमंग के साथ मनाया गया।

इसी क्रम में स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर भी मनाया गया। इसमें विविध आयोजन संपन्न हुए जिसमें मुख्य रुप से अखण्ड जप, विभिन्न संस्कार एवं यज्ञ हुए।

गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया, कि गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर पर 4 जून को सुबह 6 बजे से ही आयोजन की शुरुआत हुई जिसमें गायत्री साधकों ने संध्या 6 बजे तक अखण्ड गायत्री जप किया। रात्रि 8 बजे से दीपयज्ञ किया। दीपयज्ञ की पूर्णाहुति, आरती, प्रसाद वितरण कर की गई।

5 जून गायत्री जयंती को प्रातः 8.30 बजे से श्रीवेदमाता गायत्री, पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी, माता भगवती देवी शर्मा, गंगाजी का पूजन व देवताओं का आह्वान कर पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत हुई, जिसमें दीक्षा, पुंसवन, यज्ञोपवित सहित विभिन्न संस्कार हुए।

दोपहर 12 बजे सामूहिक गोष्ठी अपनों से अपनी बात में युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक प्रमोद निहाले ने गंगा दशहरा के मूल उद्देश्य से सबको अवगत कराया और गुरु माता की जन्म शताब्दी वर्ष 2026 में गायत्री साधकों के संकल्प को दोहराया और बताया कि कार्यकर्ता के लिए उसका समयदान एवं अंशदान अनिवार्य होता है, जिससे वह समाज निर्माण में अपनी भूमिका सार्थक कर सके। सच्चे गायत्री साधक की पहचान भी साधक का समयदान एवं अंशदान ही होता है।

 

श्री निहाले ने आगे कहा कि अगर गुरुजी के सच्चे शिष्य है तो उनके कार्यों को अनवरत कर समाज को लाभान्वित करना होगा। आओ गढ़े नई पीढ़ी की प्रभारी सरिता पाटीदार ने भी सम्बोधित किया ओर कहा कि हम सबका बड़ा सौभाग्य है कि गुरु माता भगवती देवी से जुड़ने का मौका मिला और उनके बताए मार्ग को चुना।

गायत्री शक्तिपीठ आयोजन में सर्वश्री रमेशचन्द्र मोदी, कन्हैयालाल मोहरी, रमेश नागर, कैलाशसिंह ठाकुर, गणेशचन्द्र व्यास, बीएल खंडेलवाल, देवकरण कुमावत, कविता देशमुख, महेंद्र राठौड़, केशव पटेल, दिलीप मिश्रा, सचिन पटेल, मुनीश नामदेव सहित सैंकड़ों परिजनों कि भागीदारी रही।

कार्यक्रम के अन्त में महाप्रसाद (भंडारे) का आयोजन किया गया। वरिष्ठ कार्यकर्ता सुभाष जैन व विजय जाधव द्वारा गायत्री शक्तिपीठ पर समाधि स्थल को फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया, जो सभी के आकर्षण का केंद्र बना ओर सैकड़ों परिजनों ने उसे सेल्फी प्वाइंट बनाया।

गायत्री शक्तिपीठ

गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर गायत्री प्रज्ञापीठ की संरक्षिका दुर्गा दीदी के सानिध्य में पंच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कार सम्पन्न हुए।

आयोजन में शेषनारायण परमार, विजेन्द्रसिंह बैस, वन्दना पाटीदार, सुभाष धोते, ब्रजमोहन विजयवर्गीय, अरुणेंद्र सोनी, प्रदीप दुबे, नीति श्रीवास्तव, राधा राठौर, स्नेहलता पोरवाल, सीमा चौधरी, उमा यादव, अन्नू चौहान, ओपी श्रीवास्तव, मंजुला सोनी, सीमा चौहान उपस्थित थे। गायत्री शक्तिपीठ पर कर्मकांड एवं गायत्री महायज्ञ का संचालन परिव्राजक रामनिवास कुशवाह व गायत्री शक्तिपीठ की देवकन्याओं की टीम ने किया।

Amaltas hospital dewas

वही गायत्री प्रज्ञापीठ पर कर्मकांड का संचालन ज्ञानदेव बोड़खे एवं प्रखर पोरवाल ने किया तथा अन्त में गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी महेश पंड्या एवं गायत्री प्रज्ञापीठ के मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी राजेन्द्र पोरवाल ने आभार व्यक्त किया।

Back to top button