देवास। जब हमारी मृत्
टोंकखुर्द (नन्नु पटे
देवास। घर में आग लग
जिनका हृदय पवित्र हो
टोंकखुर्द (विजेंद्रस
– जिसने राम ना
देवास। हम दुखी इसलिए
– दीयों की रोश
सिरोल्या/कैलोद। एम्ब