शुजालपुर के ग्राम टिटवास में 109 कृष्णमृगों का सफल रेस्क्यू
मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व एवं फसल क्षति कम करने के लिए कृष्णमृग स्थानांतरण अभियान जारी

शाजापुर। मालवा अंचल के शाजापुर–शुजालपुर क्षेत्र में कृष्णमृग (ब्लैकबक) कैप्चर एवं स्थानांतरण अभियान का द्वितीय चरण जारी है। अभियान के अंतर्गत शुजालपुर तहसील के ग्राम टिटवास में 109 कृष्णमृगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।
अभियान का उद्देश्य फसल हानि से प्रभावित स्थानीय ग्रामीण समुदायों की समस्याओं का निदान करना तथा मानव–वन्यप्राणी द्वंद्व एवं वन्यप्राणियों से होने वाली फसल क्षति को कम करना है। साथ ही कृष्णमृगों को उनके अनुकूल वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। द्वितीय चरण में कुल 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ संस्था ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशंस’ का तकनीकी सहयोग प्राप्त हो रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वन्यप्राणी चिकित्सक, वन अधिकारी एवं प्रशिक्षित मैदानी कर्मचारी रेस्क्यू, देखभाल एवं सुरक्षित परिवहन के कार्य में जुटे हैं। वन्यप्राणियों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
अभियान के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक बीएस अन्नीगेरी, मुख्य वन संरक्षक एवं अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. किरण बिसेन, शाजापुर कलेक्टर डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े तथा पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला उपस्थित रहीं। अभियान में जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है।
वन विभाग ने वन्यप्राणी संरक्षण और किसानों की फसलों की सुरक्षा के इस प्रयास में निरंतर जनसहयोग की अपील की है।




