क्राइम

देवास में मोबाइल चोरी से खुला 5 राज्यों के 22 जिलों में फैले गिरोह का राज, 400 फोन जब्त

नाश्ते की दुकान से शुरू हुई जांच 22 जिलों तक पहुंची, तीन आरोपी गिरफ्तार डेढ़ करोड़ के मोबाइल और 6 लाख रुपये नकद जब्त

Share

 

 

इंदौर में जुटाए जाते थे चोरी के फोन, विदेशों तक सप्लाई की आशंका

भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर करते थे वारदातें

देवास। देवास में दो मोबाइल चोरी के मामलों की जांच करते हुए पुलिस ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जिसका दायरा पांच राज्यों के 22 जिलों तक फैला मिला। जांच में चोरी के मोबाइल की खरीद-फरोख्त से जुड़े कथित संगठित गिरोह का खुलासा हुआ।

पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 400 मोबाइल फोन और 6 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी के फोन विदेशों तक तो नहीं पहुंचाए जा रहे थे।

थाना कोतवाली पुलिस ने मोबाइल चोरी की दो घटनाओं में अंतर-राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी गुरुवार को पत्रकार वार्ता में एसपी पुनीत गेहलोद ने दी। कोतवाली थाना अंतर्गत 13 सितंबर को फरियादी जयश्री नगर देवास निवासी सोमेश जोशी एबी रोड स्थित अपना स्वीट्स पर नाश्ता करने गए थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उनकी जेब में रखा एंड्रॉइड मोबाइल फोन चोरी कर लिया। उन्होंने आसपास तलाश किया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। मामले में उन्होंने शिकायत की। थाना कोतवाली पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की।

दूसरी घटना के अनुसार फरियादी लकी जलोदकर, निवासी पीठा रोड नाश्ते का सामान लेने तिवारी स्वीट्स, पीठा रोड पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी शर्ट की जेब में रखा एंड्रॉइड मोबाइल फोन चोरी कर लिया। रिपोर्ट पर से थाना कोतवाली में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

ऐसे खुली संगठित नेटवर्क की कड़ियां-
प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गजेंद्रसिंह वर्धमान के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी कोतवाली शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने “ऑपरेशन त्रिनेत्रम्” के तहत स्थापित सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण कर मोबाइल चोरी की घटनाओं में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों एवं आवागमन की जानकारी एकत्रित की। दोनों घटनाओं से प्राप्त साक्ष्यों का आपस में मिलान करते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों, मुखबिर तंत्र एवं भौतिक साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान एवं उनके संपर्कों की जांच प्रारंभ की।

विवेचना के दौरान मोबाइल चोरी की घटनाओं के पीछे एक बड़े संगठित नेटवर्क की संलिप्तता सामने आई। पुलिस टीम ने लगातार साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए चोरी करने वाले व्यक्तियों से लेकर चोरी के मोबाइल एकत्रित करने एवं उनकी अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले व्यक्तियों तक जांच का दायरा बढ़ाया।

आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों के भीड़ वाले बाजारों, रेल्वे स्टेशनों एवं सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह की गतिविधियां मध्यप्रदेश के देवास, इंदौर, उज्जैन, धार एवं छतरपुर, महाराष्ट्र के मुंबई-ठाणे, नासिक, कोल्हापुर, जलगांव, जालना, छत्रपति संभाजीनगर एवं अहमदनगर, गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, नवसारी एवं दाहेज, केंद्र शासित प्रदेश दमन तथा राजस्थान के जयपुर एवं अजमेर सहित विभिन्न स्थानों से जुड़ी होना सामने आया।

चोरी किए गए मोबाइल को गिरोह के सदस्य अलग-अलग माध्यमों से इंदौर निवासी शुभम राठौर तक पहुंचाते थे। शुभम राठौर इस नेटवर्क में मुख्य रिसीवर के रूप में कार्य करते हुए चोरी के मोबाइल एकत्रित कर उनकी आगे अवैध खरीद-फरोख्त करवाता था।

पूछताछ एवं विवेचना में जानकारी सामने आई कि इंदौर में एकत्रित चोरी के मोबाइल को मुख्य रिसीवर शुभम राठौर द्वारा अन्य एजेंटों के माध्यम से विदेशों में तस्करी द्वारा सप्लाई किए जाने की आशंका है। इसके संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत रुप से पूछताछ की जा रही है।

कोतवाली पुलिस ने गिरोह सदस्य मनीष पारदी, सूरजसिंह पारदी एवं चोरी के मोबाइल के मुख्य रिसीवर शुभम राठौर को गिरफ्तार कर प्रकरण में संगठित आपराधिक गतिविधियों एवं चोरी की संपत्ति की अवैध खरीद-फरोख्त से संबंधित तथ्य सामने आने पर धारा 112(2) एवं 317(4) बीएनएस की वृद्धि की। गिरफ्तार आरोपियों से लगभग 1.50 करोड़ की राशि के 400 मोबाइल फोन एवं 6 लाख नगद जब्त किए गए।

गिरफ्तार आरोपी-
– मनीष पिता पदम सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम खलाइडा थाना घटिया जिला उज्जैन हाल मुकाम अलवासा थाना बाणगंगा इंदौर।
– सूरजसिंह पिता बक्तावर उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम खलाइडा थाना घटिया जिला उज्जैन।
– शुभम पिता संतोष राठौर उम्र 28 वर्ष निवासी परिवहन नगर इंदौर एवं ऋषि पैलेस द्वारकापुरी इंदौर (मुख्य रिसीवर)।

सराहनीय कार्य- उक्त संगठित मोबाइल चोरी नेटवर्क का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत चौरसिया, उपनिरीक्षक उपेन्द्र नाहर, उपनिरीक्षक हरिशंकर गोदार, प्रधान आरक्षक सुनील देथलिया, हेमंत डाबी, रवि गरोड़ा, आरक्षक पंकज गेहलोत, सूरज, मनीष, अनिल कलोदिया तथा साइबर सेल से प्रधान आरक्षक सचिन चौहान, शिवप्रताप सिंह सेंगर एवं आरक्षक राहुल बडोले की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।

देवास पुलिस की आमजन से अपील- सार्वजनिक स्थानों, बाजारों एवं भीड़ वाले क्षेत्रों में अपने मोबाइल फोन एवं अन्य कीमती सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति से बिना वैध बिल एवं स्वामित्व की पुष्टि किए मोबाइल फोन न खरीदें। मोबाइल चोरी होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं तथा संचार साथी पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ब्लॉक करवाने की प्रक्रिया अपनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल-112 पर दें।

 

Back to top button